वेनेजुएला में चुनाव को लेकर ट्रंप का साफ इनकार, अगले 30 दिनों में चुनाव की उम्मीद पर लगाई रोक
वेनेजुएला की राजनीति में तूफान खड़ा करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वहां चुनाव सोने से मना कर दिया है. उनका साफ कहना है कि अगले 30 दिनों में वहां नए चुनाव नहीं होंगे.

नई दिल्ली: वेनेजुएला में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अगले 30 दिनों में वहां नए चुनाव नहीं होंगे. उनका मानना है कि पहले देश की बिगड़ी हुई स्थिति को ठीक करना जरूरी है. ट्रंप का यह बयान मादुरो की गिरफ्तारी के बाद आए तनाव के बीच आया है.
चुनाव पर ट्रंप का स्पष्ट बयान
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला की मौजूदा हालत में जल्दबाजी में चुनाव कराना मुमकिन नहीं है. "पहले देश को ठीक करना होगा. लोग वोट कैसे डाल पाएंगे?" उन्होंने जोर दिया कि निकट भविष्य में कोई चुनाव नहीं होगा.
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है, खासकर तेल क्षेत्र को मजबूत करने पर फोकस है.
तेल क्षेत्र की बहाली पर जोर
ट्रंप के अनुसार, वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं, लेकिन सालों से चल रही गलत नीतियों और प्रतिबंधों से उत्पादन घट गया है. अमेरिकी प्रशासन अमेरिकी तेल कंपनियों को सब्सिडी देकर बुनियादी ढांचे की मरम्मत कराने की योजना बना रहा है.
ट्रंप ने अनुमान लगाया कि यह काम 18 महीनों से कम समय में हो सकता है, लेकिन इसके लिए बड़ी रकम की जरूरत पड़ेगी. ट्रंप ने साफ-साफ कहा, "तेल कंपनियां पैसा लगाएंगी और उसकी भरपाई राजस्व से होगी".
युद्ध की बात से इनकार
अमेरिकी ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' के बावजूद ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका वेनेजुएला से युद्ध नहीं कर रहा. वे सिर्फ ड्रग्स बेचने वालों से लड़ रहे हैं. व्हाइट हाउस इसे ड्रग तस्करी रोकने का अभियान बता रहा है. बता दें कि ट्रंप ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, स्टीफन मिलर और जेडी वैंस जैसे अधिकारियों को वेनेजुएला मामलों की निगरानी सौंपी है.
अंतरिम नेतृत्व पर दबाव
ट्रंप प्रशासन अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिग्ज पर अमेरिका समर्थक कदम उठाने का दबाव डाल रहा है. इनमें ड्रग तस्करी रोकना, विदेशी जासूसों को निकालना और दुश्मन देशों को तेल बेचना बंद करना शामिल है. उम्मीद है कि रोड्रिग्ज स्वतंत्र चुनाव की दिशा में आगे बढ़ेगी. देश में स्थिति अभी तनावपूर्ण है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कार्रवाई की आलोचना हो रही है.


