ग्रीनलैंड पर ट्रंप की जिद पर खफा हुआ यूरोपियन यूनियन, अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर लगाई रोक
यूरोपीय संसद ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर काम रोक दिया है. यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की मांग और यूरोपीय देशों पर टैरिफ की धमकियों के बाद लिया गया.

नई दिल्ली : यूरोपीय संसद ने बुधवार को यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर काम अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला किया. यह निर्णय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के बाद लिया गया है, जिनमें उन्होंने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की मांग दोहराई और योजना का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी.
दावोस में ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव
यूरोपीय संसद में तीखी प्रतिक्रिया
यूरोपीय संसद के एक सदस्य के अनुसार, ट्रंप की इन नई टिप्पणियों के बाद 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के भीतर तीखा विरोध देखने को मिला. ग्रीनलैंड, जो डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है, उस पर अमेरिका के दावे को लेकर यूरोपीय देशों में नाराज़गी बढ़ गई. इसी पृष्ठभूमि में व्यापार समझौते से जुड़े विधायी काम को रोकने का फैसला लिया गया.
टर्नबेरी समझौते के अहम प्रस्ताव
यूरोपीय संसद उस समय ऐसे विधायी प्रस्तावों पर चर्चा कर रही थी, जिनका उद्देश्य अमेरिकी उत्पादों पर लगने वाले कई आयात शुल्कों को हटाना था. ये प्रस्ताव जुलाई के अंत में स्कॉटलैंड के टर्नबेरी में हुए EU-US समझौते का अहम हिस्सा थे. इसमें अमेरिकी लॉब्स्टर के आयात पर शून्य शुल्क को आगे बढ़ाने का प्रावधान भी शामिल था, जिसे पहली बार 2020 में मंजूरी दी गई थी. इन सभी प्रस्तावों को लागू करने के लिए संसद और EU सरकारों की स्वीकृति जरूरी है.
असंतुलित समझौते को लेकर चिंता
कई यूरोपीय सांसदों ने इस व्यापार समझौते को असमान बताया है. उनका तर्क है कि इसके तहत यूरोपीय संघ को अधिकांश आयात शुल्क हटाने होंगे, जबकि अमेरिका लगभग 15 प्रतिशत का व्यापक टैरिफ बनाए रखेगा. हालांकि इन चिंताओं के बावजूद पहले यह संकेत मिल रहे थे कि कुछ शर्तों के साथ समझौते को स्वीकार किया जा सकता है, जिनमें 18 महीने की समय-सीमा और अमेरिकी आयात में अचानक वृद्धि से निपटने के लिए सुरक्षा उपाय शामिल थे.
मतदान टला, समझौता ठंडे बस्ते में
यूरोपीय संसद की व्यापार समिति को 26–27 जनवरी को इस समझौते पर अपना रुख तय करने के लिए मतदान करना था, लेकिन अब इन वोटों को स्थगित कर दिया गया है. समिति के अध्यक्ष बेर्न्ड लैंगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका की ताज़ा टैरिफ धमकियों ने टर्नबेरी समझौते की बुनियाद को तोड़ दिया है, इसलिए इसे अगली सूचना तक रोक दिया गया है.
बढ़ सकता है व्यापारिक टकराव
इस समझौते को फ्रीज़ करने से अमेरिका की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने का खतरा बढ़ गया है, जिससे अमेरिकी टैरिफ और बढ़ सकते हैं. ट्रंप प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि जब तक व्यापार समझौता लागू नहीं होता, तब तक वह शराब या स्टील जैसे उत्पादों पर टैरिफ में किसी भी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं है. इससे आने वाले समय में EU-US व्यापार संबंधों में और तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.


