ऑपरेशन सिंदूर में 5 प्लेन हुए तबाह, अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट में फूटा पाकिस्तान का बुलबुला, भारत के दावे पर लगी मुहर
अमेरिकी कांग्रेस की नई रिपोर्ट के अनुसार मई 2025 के भारत-पाकिस्तान टकराव में पाकिस्तान ने पांच और भारत ने तीन सैन्य विमान खोए. रिपोर्ट ने पाकिस्तानी दावों और चीन के प्रोपेगैंडा को गलत साबित किया, जिससे संघर्ष में भारत की बढ़त स्पष्ट हुई.

नई दिल्लीः मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ सैन्य टकराव भले ही केवल चार दिनों में शांत हो गया हो, लेकिन इससे जुड़ी जानकारियां लगातार सामने आ रही हैं. अब अमेरिकी कांग्रेस की एक नई द्विदलीय रिपोर्ट ने इस प्रकरण को फिर से चर्चा में ला दिया है.
रिपोर्ट के अनुसार, इस संघर्ष में पाकिस्तान ने अपने पांच सैन्य विमान खोए, जबकि भारत को भी कुछ नुकसान उठाना पड़ा, हालांकि सभी भारतीय विमान राफेल नहीं थे. यह निष्कर्ष पाकिस्तान की जीत के दावों और उसकी ओर से फैलाई गई सूचनाओं पर नए सवाल खड़ा करता है.
पाकिस्तान को हुआ सबसे बड़ा नुकसान
रिपोर्ट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे का भी उल्लेख है, जिन्होंने कहा था कि भारत–पाकिस्तान टकराव में कुल आठ वॉर प्लेन गिराए गए थे. जब ट्रंप के दावों और अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट की तुलना की गई, तो यह स्पष्ट हुआ कि पाकिस्तान ने पांच लड़ाकू विमान खो दिए, जबकि भारत को तीन विमानों का नुकसान हुआ.
यह आंकड़ा बताता है कि पाकिस्तान की तरफ से टकराव के दौरान किए गए जीत के दावे वास्तविक स्थिति से बहुत अलग थे. इससे पहले पाकिस्तान के कुछ पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी मीडिया में स्वीकार किया था कि लड़ाई में उनके कई जेट क्षतिग्रस्त हुए थे, हालांकि आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान सरकार ने इस नुकसान को कभी स्वीकार नहीं किया.
चीनी प्रोपेगैंडा का पर्दाफाश
अमेरिकी रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई, जिसमें चीन द्वारा फैलाया जा रहा प्रोपेगैंडा. चीन पर आरोप है कि वह भारत के राफेल फाइटर जेट के बारे में गलत सूचनाएं फैलाकर अपने J-10 लड़ाकू विमान और PL-15 मिसाइल को प्रमोट करने की कोशिश कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, चीन यह दिखाने में जुटा है कि उसके हथियार प्रणाली ने भारतीय विमानों को नुकसान पहुंचाया, ताकि वह अपने रक्षा उत्पादों की बिक्री बढ़ा सके.
रिपोर्ट यह भी स्पष्ट करती है कि भारत ने तीन विमान गंवाए, लेकिन वे सभी राफेल नहीं थे. यह बात अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के पिछले आकलनों से मेल खाती है, जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तान के J-10 विमानों के हमले में भारत ने दो लड़ाकू जेट खोए थे, जिनमें से एक राफेल था.
ट्रंप के दावे और अमेरिकी रिपोर्ट में अंतर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टकराव को लेकर कई बार सार्वजनिक बयान दिए. उन्होंने दावा किया कि उनकी हस्तक्षेप और टैरिफ की धमकी के कारण युद्ध रुक पाया. ट्रंप ने यह भी कहा कि कुल आठ विमान मार गिराए गए, जबकि छह नवंबर को उन्होंने यह संख्या बढ़ाकर सात से आठ कर दी.
ट्रंप ने अमेरिका बिजनेस फोरम में कहा था कि सात प्लेन मार गिराए गए और आठवां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ. अमेरिकी रिपोर्ट पूरी तरह ट्रंप की बातों से मेल नहीं खाती, लेकिन यह साफ करती है कि वास्तविक नुकसान का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान की ओर हुआ था.
कुल मिलाकर तस्वीर क्या कहती है?
नई अमेरिकी रिपोर्ट यह संकेत देती है कि मई के टकराव में भारत की बढ़त साफ दिखाई देती है. पाकिस्तान ने जितना नुकसान स्वीकार किया, असली स्थिति उससे कहीं गंभीर थी. वहीं चीन द्वारा फैलाई गई गलत सूचनाओं और हथियारों की मार्केटिंग की कोशिशों पर भी इस रिपोर्ट ने सीधा सवाल खड़ा किया है.


