बांग्लादेश के बाद अब पाकिस्तान के सिंध में हिंदू किसान की हत्या, सड़कों पर उतरा जनआक्रोश
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में युवा हिंदू किसान कैलाश कोल्ही की हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण हैं. आरोपी जमींदार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन और धरना जारी है.

सिंध प्रांत: पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन जिले में एक युवा हिंदू किसान की हत्या के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे इलाके में गुस्सा और आक्रोश पैदा कर दिया है. आरोप है कि एक प्रभावशाली जमींदार ने मामूली विवाद में किसान की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद से लोग सड़कों पर उतर आए हैं और न्याय की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मृतक किसान का नाम कैलाश कोल्ही था. वह एक गरीब और हाशिए पर रहने वाले हिंदू समुदाय से आता था. आरोप है कि सरफराज निजामानी नाम के एक ताकतवर जमींदार ने अपनी जमीन पर झोपड़ी बनाने को लेकर हुए विवाद में कैलाश को गोली मार दी. यह घटना बदीन जिले के पीरू लशारी नगर क्षेत्र के राहो कोलही गांव में करीब चार दिन पहले हुई थी.
सड़कों पर उतरे लोग, यातायात ठप
कैलाश कोल्ही की हत्या के बाद गुस्साए लोगों ने बदीन-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग और बदीन-थार कोल रोड को जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक धरना खत्म नहीं होगा. इस विरोध के कारण सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे और आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
रातभर जारी रहा ऐतिहासिक धरना
इस आंदोलन का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता शिव कच्छी कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि इंसाफ की पुकार है. उनके अनुसार, सुबह से लेकर देर रात तक बिना रुके धरना चलता रहा. पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सभी एक साथ सड़कों पर बैठे रहे. ठंड, भूख और थकान के बावजूद लोगों का हौसला कमजोर नहीं पड़ा.
Badin Sindh
— Shiva Kachhi (دراوڙ)🇵🇰 (@FaqirShiva) January 9, 2026
The protest for the arrest of the killers of the martyred Kalash Kolhi is making history.
Shiva Kachhi, Chairman of Pakistan Darawar Ittehad @PItehad is leading the historic protest sit-in.
This was not just a protest—it was the cry of a wounded conscience.
From… pic.twitter.com/uo9io9PAk0
शिव कच्छी ने कहा कि कैलाश कोल्ही का कोई अपराध नहीं था, सिवाय इसके कि वह गरीब था और एक ऐसी व्यवस्था में जी रहा था, जहां ताकतवर लोगों को संरक्षण मिलता है और कमजोरों की आवाज दबा दी जाती है।
परिवार का दर्द बना आंदोलन की आवाज
कैलाश की मौत ने उसके परिवार को तोड़कर रख दिया है. उसके बच्चों के आंसू, मां का गहरा शोक और पत्नी की खामोश पीड़ा आज पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि उन सभी गरीबों के लिए है, जिनकी जान की कीमत अक्सर कुछ भी नहीं समझी जाती.
पुलिस के आश्वासन पर भी नहीं थमा गुस्सा
हत्या के बाद पहले भी पीड़ित परिवार और समुदाय के लोगों ने पीरू लशारी स्टॉप पर शव रखकर विरोध किया था. उस समय बदीन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने भरोसा दिलाया था कि 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है.
इस विरोध प्रदर्शन में कई राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने हिस्सा लिया है. अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े लोग एक मंच पर आकर न्याय की मांग कर रहे हैं. इससे साफ है कि यह मामला अब सिर्फ एक गांव या समुदाय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र में इंसाफ की लड़ाई का प्रतीक बन गया है.


