ईरान के जवाबी हमले से कतर को बड़ा झटका, QatarEnergy के CEO ने जताई नाराजगी
ईरान के जवाबी हमले से कतर को भारी नुकसान हुआ है, जिसके बाद QatarEnergy के CEO साद अल-काबी ने अमेरिका को लेकर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि तेल-गैस ठिकानों पर हमले को लेकर पहले ही चेतावनी दी गई थी.

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब खाड़ी देशों पर साफ नजर आने लगा है. साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई में कतर को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी QatarEnergy के CEO साद अल-काबी ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले ही इस तरह के हमलों के खतरे को लेकर चेतावनी दी थी.
साउथ पार्स हमले के बाद ईरान का पलटवार
इजरायल द्वारा साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने कतर के रास लाफान क्षेत्र को निशाना बनाया. यह इलाका दुनिया के सबसे बड़े LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) कॉम्प्लेक्स के लिए जाना जाता है.
इस हमले से वैश्विक गैस आपूर्ति प्रणाली को बड़ा झटका लगा है.
CEO का दावा: पहले ही दी थी चेतावनी
रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में साद अल-काबी ने कहा "मैं हमेशा चेतावनी देता रहा, हमारे साथ साझेदारी करने वाली तेल और गैस कंपनियों के अधिकारियों से बात करता रहा, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री से बात करता रहा, ताकि उन्हें इस नतीजे के बारे में आगाह कर सकूं और बता सकूं कि यह हमारे लिए नुकसानदेह हो सकता है."
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और उसकी कंपनियों को संभावित खतरे का अंदाजा था.
भारी नुकसान, ठीक होने में लगेंगे साल
अल-काबी के मुताबिक, इस हमले से हुए नुकसान को ठीक करने में 3 से 5 साल का समय लग सकता है. रास लाफान में LNG उत्पादन की क्षमता का लगभग 17% हिस्सा प्रभावित हुआ है.
उन्होंने कहा "कोल्ड बॉक्स खत्म हो गए हैं." और "यह मुख्य यूनिट है, यही एलएनजी का कूलिंग बॉक्स है, यह पूरी तरह नष्ट हो चुका है."
वैश्विक सप्लाई पर असर
26 अरब डॉलर की लागत से बने इस गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान का असर यूरोप और एशिया की LNG सप्लाई पर पड़ सकता है. आने वाले वर्षों में गैस आपूर्ति प्रभावित रहने की आशंका है.
बिना चेतावनी के हुआ हमला
अल-काबी ने बताया कि साउथ पार्स पर हमले की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा-"मुझे किसी भी चीज की जानकारी नहीं थी, और मुझे नहीं लगता कि किसी को भी थी. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं पता था. तो क्या आपको लगता है कि हमें पता होता?"
अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर
काबी ने कहा कि इस युद्ध का असर सिर्फ ऊर्जा सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.
उन्होंने कहा -"इसने पूरे क्षेत्र को 10-20 साल पीछे धकेल दिया है."


