PM मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को गिफ्ट की रूसी भाषा में लिखी गीता...आज कई अहम मुद्दों पर समझौते हौने की संभावना

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने 2 दिवसीय यात्रा पर कल यानी बृहस्पतिवार को दिल्ली पहुंच चुके हैं. भारत पहुंचने पर पीएम मोदी ने खुद जाकर एयरपोर्ट पर अपने परम मित्र पुतिन का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें गीता की एक कॉपी भेंट की जो रूसी भाषा में हैं. 2011 में रूस में गीता को ‘एक्सट्रीमिस्ट’ बताकर बैन करने की मांग हुई थी, आज वही ग्रंथ दो देशों की दोस्ती की प्रतीक बन गई हैं.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बृहस्पतिवार को दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद एयरपोर्ट जाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. चार वर्षों के अंतराल के बाद भारत आए पुतिन के इस दौरे को दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने वाला माना जा रहा है. पुतिन और मोदी एक ही कार में सवार होकर हवाई अड्डे से पीएम के सरकारी निवास, 7 लोक कल्याण मार्ग, पहुंचे. यहां प्रधानमंत्री ने उनके सम्मान में निजी रात्रिभोज का आयोजन भी किया.

PM मोदी ने पुतिन को गीता भेंट की

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को भगवद गीता की एक रूसी भाषा में अनूदित प्रति भेंट की. मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया कि गीता की शिक्षाएं दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरणा देती हैं. इस भेंट का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और दार्शनिक संबंधों को भी मजबूत करना है.

गीता को एक्सट्रीमिस्ट बुक लिस्ट में डालने की कोशिश
आपको बता दें कि करीब पंद्रह साल पहले साइबेरिया के टॉम्स्क शहर में एक ऐसा मामला उठा जिसने भारत में भी राजनीतिक हलचल मचा दी. इस्कॉन द्वारा प्रकाशित भगवद्गीता “ऐज इट इज” के रूसी अनुवाद को लेकर स्थानीय अधिकारियों ने आपत्ति जताई और इसे उग्रवादी साहित्य के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव रखा. यह विवाद इतना गंभीर था कि इसे रूस की एक्सट्रीमिस्ट बुक लिस्ट में डालने की कोशिश की गई.

मोदी-पुतिन बैठक में गीता का नया संदेश
इतिहास की उस विवादित घटना के लगभग पंद्रह साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आमने-सामने मुलाकात में वही भगवद्गीता एक नए रूप में सामने आई. मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में अनूदित भगवद्गीता भेंट की. यह केवल एक पुस्तक का उपहार नहीं था, बल्कि बीते समय के विवादों से ऊपर उठकर भारत और रूस के बीच मजबूत विश्वास और मित्रता का प्रतीक था.

भारत-पुतिन दौरा: रणनीतिक और राजनीतिक महत्व
रूसी राष्ट्रपति का यह दौरा विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव के समय हो रहा है. इस पृष्ठभूमि में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, निवेश और अन्य क्षेत्रीय सहयोग पर महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है. भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए यह दौरा रणनीतिक मोड़ साबित हो सकता है.

कार्यक्रम और औपचारिक स्वागत
वहीं आज यानी शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति भवन में पुतिन का औपचारिक स्वागत किया जाएगा, जिसमें तीनों सेनाओं की टुकड़ियों द्वारा गार्द ऑफ ऑनर दिया जाएगा. इसके बाद पुतिन राजघाट जाएंगे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. मुख्य वार्ता हैदराबाद हाउस में आयोजित होगी, जहां प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन वन-ऑन-वन बैठक करेंगे और फिर अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे.

शाम में राजकीय भोज का आयोजनत 
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन भारत मंडपम में फिक्की और भारत-रूस व्यापारिक शिखर सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे. शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन के सम्मान में राजकीय भोज की मेजबानी करेंगी. इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के कई प्रस्तावों पर बातचीत होने की उम्मीद है. रूसी राष्ट्रपति का भारत से प्रस्थान शुक्रवार रात लगभग 9 बजे निर्धारित है.

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