रूस का यूक्रेन पर हमला, दो पैसेंजर ट्रेनों पर अटैक, दर्जनों लोग घायल
रूस ने यूक्रेन के शोस्तका रेलवे स्टेशन पर दो पैसेंजर ट्रेनों को निशाना बनाते हुए हमला किया, जिसमें कम से कम 30 लोग घायल हुए. इसके साथ ही रूस ने यूक्रेन की बिजली और गैस अवसंरचना पर भी हमले तेज कर दिए हैं.

रूस ने यूक्रेन पर नए हमलों की श्रृंखला शुरू करते हुए दो पैसेंजर ट्रेनों को निशाना बनाया, जिससे उनमें आग फैल गई और दर्जनों लोग घायल हो गए. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि शनिवार को शोस्तका शहर के रेलवे स्टेशन पर रूसी ड्रोन हमला हुआ, जिसमें कम से कम 30 लोग घायल हुए. यह शहर रूस की सीमा से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है. उन्होंने कहा कि सभी आपातकालीन सेवाएं मौके पर तैनात हैं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है.
दो यात्री ट्रेनों पर हमला
यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री और पुनर्निर्माण मंत्री ओलेक्सी कुलेबा ने बताया कि रूस ने लगातार दो यात्री ट्रेनों पर हमला किया. पहले एक स्थानीय ट्रेन को निशाना बनाया गया और इसके कुछ समय बाद कीव जाने वाली ट्रेन पर हमला हुआ. कुलेबा ने कहा कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है, जबकि अन्य लोग बचावकर्मियों की निगरानी में सुरक्षित स्थानों पर ले जाए गए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि स्टेशन पर हवाई हमले की स्थिति अभी भी बनी हुई है.
जेलेंस्की और स्थानीय गवर्नर ओलेह ह्रीहोरोव ने घटनास्थल से तस्वीरें साझा कीं, जिसमें यात्री डिब्बों में आग दिखाई दे रही है. मॉस्को ने यूक्रेन पर अपने आक्रमण को और तेज कर दिया है, विशेष रूप से रेलवे नेटवर्क और ऊर्जा अवसंरचना पर हमले बढ़ा दिए हैं. ये हमले सैन्य और नागरिक दोनों प्रकार के ढांचे को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं.
यूक्रेन की विद्युत ग्रिड पर बड़े पैमाने पर हमले
हाल ही में रूस ने यूक्रेन की विद्युत ग्रिड पर भी बड़े पैमाने पर हमले किए, जिससे उत्तर में कई घरों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई. चेर्निहिव के निकट ऊर्जा सुविधाएं प्रभावित हुईं और लगभग 50,000 घरों को नुकसान होने का अनुमान है. वहीं, यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार, रूस ने नाफ्तोगाज समूह द्वारा संचालित प्राकृतिक गैस प्रतिष्ठानों पर भी हमला किया, जो युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा हमला है.
ये हमले मॉस्को द्वारा यूक्रेन पर 24 फरवरी 2022 से जारी पूर्ण आक्रमण का हिस्सा हैं. पिछले कुछ महीनों में रूस ने नियमित रूप से रेलवे, ऊर्जा और गैस अवसंरचना पर हमले तेज किए हैं, जिससे सर्दियों के मौसम में नागरिकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि ये हमले न केवल सैन्य ठिकानों बल्कि सामान्य नागरिकों और आर्थिक अवसंरचना को भी निशाना बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं.


