मेरठ के जोड़े ने बर्फबारी के बीच त्रियुगीनारायण मंदिर में की शादी, जीता इटरनेट का दिल, लोग कर रहे तारीफ
मेरठ के जोड़े ने उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में बसंत पंचमी के दिन पहली भारी बर्फबारी के बीच त्रियुगीनारायण मंदिर में शादी की. उनका उत्साह और बर्फीला नजारा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों ने इसे अविस्मरणीय बताया.

मेरठः मेरठ के एक जोड़े ने उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में इस साल की पहली भारी बर्फबारी के बीच अपनी शादी कर सबका ध्यान खींचा. यह समारोह बसंत पंचमी के दिन आयोजित किया गया, जो क्षेत्र में इस मौसम की पहली बर्फबारी के साथ ही मेल खाता था. शादी त्रियुगीनारायण मंदिर में संपन्न हुई, जिसे स्थानीय लोग भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का पवित्र स्थल मानते हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
महेंद्र सेमवाल द्वारा साझा किए गए वीडियो में दुल्हन लाल लहंगे में मुस्कुराती नजर आईं, जबकि दूल्हा अपनी शेरवानी में बेहद आकर्षक लग रहा था. वीडियो में दिखाया गया है कि दुल्हन के पीछे एक महिला सावधानीपूर्वक लहंगा संभाल रही है, और दूल्हा उसकी ओर देखता हुआ हाथ में जैकेट लिए उसके साथ चलता है. भीषण ठंड के बावजूद जोड़े की खुशी साफ दिखाई दे रही थी. उन्होंने कहा, “हमें भगवान का आशीर्वाद मिल गया.”
इस खूबसूरत नजारे ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया. यूजर्स ने जोड़े की तारीफ की और उनकी शादी को अविस्मरणीय बताया. एक यूजर ने लिखा, “वाह,” तो किसी ने टिप्पणी की, “दुल्हन को सलाम.”
उत्तराखंड में इस साल की पहली बर्फबारी
शादी वाले दिन उत्तराखंड में इस साल की पहली बर्फबारी हुई. गढ़वाल और कुमाऊं दोनों डिवीजनों में बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनात्री, औली, मसूरी, चकराता, धनौल्टी और मुनस्यारी जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई. इसके अलावा नैनीताल में चाइना पीक और किलबरी, अल्मोड़ा में दुनागिरी और पौड़ी में तारकेश्वर जैसी जगहें भी बर्फ से ढक गईं.
स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही बर्फबारी से रोमांचित थे और उन्होंने सोशल मीडिया पर बर्फ से ढके दृश्य साझा किए. राज्य की सड़कें, पेड़ और घर पूरी तरह बर्फ से ढक गए, जिससे पूरे इलाके में परीकथा जैसा माहौल बन गया.
बर्फबारी से उत्पन्न चुनौतियां
हालांकि बर्फबारी ने नजारे को मनोरम बना दिया, लेकिन इससे कई दिक्कतें भी आईं. चमोली जैसे इलाकों में सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जिसके कारण कुछ विवाह समारोहों में शामिल लोगों को 21 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा.
अधिकारियों ने बताया कि यातायात बहाल करने के लिए सड़कें साफ की जा रही हैं. चमोली जिला प्रशासन ने आम जनता से अनुरोध किया है कि वे इस दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें.
बर्फ और प्यार का अद्भुत संगम
इस शादी ने साबित कर दिया कि कठिन मौसम भी प्रेम और उत्साह को रोक नहीं सकता. बर्फ के बीच शादी का यह नजारा न केवल जोड़े के लिए यादगार बना, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसे खूब सराहा गया. त्रियुगीनारायण मंदिर की पवित्रता और बर्फीली छटा ने इस शादी को और भी खास बना दिया.


