छोटी और मामूली घटनाएं...बांग्लादेश में हो रही हिंदुओं की हत्याओं पर बीएनपी नेता मिर्जा फखरुल का शर्मनाक बयान
बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हो रही हत्याओं से डर का माहौल है. बीएनपी नेता मिर्जा फखरुल ने इन्हें मामूली घटनाएं बताया, जिससे विवाद बढ़ा. हालिया हत्याओं ने अल्पसंख्यक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

नई दिल्लीः बांग्लादेश में एक बार फिर अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हो रही हिंसा ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है. बीते कुछ दिनों में एक के बाद एक हिंदुओं की हत्याओं की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे वहां रह रहे हिंदू परिवारों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है. इन घटनाओं के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया है.
बीएनपी नेता का विवादित बयान
मिर्जा फखरुल इस्लाम ने हिंदुओं की हत्याओं को “छोटी और मामूली घटनाएं” करार देते हुए कहा कि इन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. उनके इस बयान को कई लोगों ने संवेदनहीन और चौंकाने वाला बताया है. फखरुल का कहना है कि यह मुद्दा मीडिया द्वारा पैदा किया गया है और इसे जानबूझकर तूल दिया जा रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और हत्या की घटनाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह किसी एक समुदाय की समस्या नहीं है.
फखरुल का दावा
बीएनपी नेता ने दावा किया कि मौजूदा हालात में केवल हिंदू ही नहीं, बल्कि मुस्लिम समुदाय के लोग भी सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार के दौर में मुसलमानों के साथ भी मारपीट और दुष्कर्म जैसी घटनाएं हो रही हैं. फखरुल के अनुसार, कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरे देश में खराब है और हिंसा को किसी एक समुदाय से जोड़ना गलत है.
भारत और विदेश नीति पर भी टिप्पणी
अपने बयान में मिर्जा फखरुल ने भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि भारत को केवल अवामी लीग तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बांग्लादेश की अन्य राजनीतिक पार्टियों से भी संवाद बढ़ाना चाहिए. उनका कहना था कि असली मुद्दा किसी एक घटना या क्रिकेट मैच से जुड़ा नहीं है, बल्कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा दिए गए संदेश और भारत की कूटनीतिक रणनीति से जुड़ा हुआ है.
लगातार हो रही हत्याएं बढ़ा रहीं चिंता
फखरुल इस्लाम का बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश में पिछले करीब 18 दिनों के भीतर छह हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है. सोमवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना में 40 वर्षीय किराना दुकानदार सारथ मणि चक्रवर्ती पर तेज हथियारों से हमला किया गया. गंभीर रूप से घायल चक्रवर्ती की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई.
कुछ दिन पहले ही उन्होंने फेसबुक पर बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा को लेकर चिंता जताई थी और अपने जन्मस्थान को “मौत की घाटी” बताया था. इसी दिन एक अन्य हिंदू नागरिक राणा प्रताप बैरागी की भी हत्या कर दी गई.
हिंदू समुदाय में डर
लगातार हो रही इन घटनाओं से बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू समुदाय में गहरी दहशत है. लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और कई परिवार पलायन की आशंका भी जता रहे हैं. मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें भी अब इन घटनाओं पर टिक गई हैं.


