ट्रंप की विदेश नीति पर भारी पड़ी अमेरिकी जनता की राय, फिलिस्तीन को लेकर बदला रुख...सर्वे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Gaza conflict 2025 : गाजा-इजरायल संघर्ष में अमेरिकी जनता का रुख स्पष्ट रूप से ट्रंप की नीतियों से भिन्न है. जहां अधिकतर नागरिक फिलिस्तीन को मान्यता देने और सैन्य कार्रवाई की आलोचना करने के पक्ष में हैं, वहीं ट्रंप का रुख अब भी इजरायल के समर्थन में है. यह सर्वे इस बात का संकेत देता है कि आगामी चुनावों में विदेश नीति भी एक बड़ा मुद्दा बनने वाला है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Gaza conflict 2025 : गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच सीजफायर लागू होने के बावजूद हिंसा जारी है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर संघर्ष विराम तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं. इस बढ़ती अस्थिरता के बीच वैश्विक राजनीति और अमेरिकी नीति को लेकर अहम बदलाव देखने को मिल रहे हैं.

फिलिस्तीन को मान्यता देने की मांग

रॉयटर्स/इप्सोस के हालिया छह दिवसीय सर्वेक्षण में सामने आया कि 59% अमेरिकी नागरिक फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने के पक्ष में हैं, जबकि केवल 33% ने इसका विरोध किया. यह जनमत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फिलिस्तीन-विरोधी विदेश नीति के एकदम विपरीत है. रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी मतभेद नजर आए. जहां 53% ने फिलिस्तीन की मान्यता का विरोध किया, वहीं 41% ने समर्थन किया, जो इस मुद्दे पर पार्टी में बढ़ती वैचारिक विविधता को दर्शाता है.

पश्चिमी देशों की भूमिका और इज़रायल की नाराजगी
ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों द्वारा हाल ही में फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने के फैसले को इज़रायल ने सख़्त विरोध के साथ खारिज किया है. इज़रायल का तर्क है कि 1948 में उसकी स्थापना के बाद से क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है और फिलिस्तीन की मान्यता से हालात और बिगड़ सकते हैं.


गाज़ा हिंसा पर अमेरिकी नजरिया
गाज़ा में इज़रायल की हालिया सैन्य कार्रवाई में 65,000 से अधिक फिलिस्तीनियों के मारे जाने की रिपोर्ट के बाद भी अमेरिका में मत बंटा हुआ है. रॉयटर्स के सर्वे में 60% लोगों ने इज़रायली बमबारी को 'अत्यधिक' बताया, जबकि केवल 32% ने इसे उचित ठहराया. यह जनमत सीधे तौर पर ट्रंप की सोच से टकराता है, जिन्होंने इज़रायल की कार्रवाइयों को जायज़ ठहराया था.

शांति प्रयासों पर ट्रंप को मिला मिश्रित समर्थन
हालांकि ट्रंप ने युद्धविराम की मध्यस्थता की है, पर अमेरिकी जनता इस पर भी दो राय में है. सर्वे में 51% लोगों ने कहा कि अगर ट्रंप शांति लाने में सफल रहते हैं तो उन्हें श्रेय मिलना चाहिए, जबकि 42% इस राय से असहमत थे. डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर विभाजन है. जहां केवल 5% डेमोक्रेट ट्रंप के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं, वहीं 25% मानते हैं कि शांति कायम रहने पर उन्हें श्रेय मिलना चाहिए.

ट्रंप की विदेश नीति रेटिंग में सुधार
गाज़ा संघर्ष के दौरान ट्रंप की विदेश नीति को लेकर जनता का आकलन थोड़ा सकारात्मक हुआ है. उनकी नीति रेटिंग अब 38% तक पहुंच गई है, जो पहले 33% थी जुलाई के बाद यह उनकी सबसे बेहतर रेटिंग है.

स्थायी शांति की राह अब भी अनिश्चित
हालांकि युद्धविराम लागू है, लेकिन रॉयटर्स के अनुसार हाल की हिंसा ने उसे टूटने के कगार पर ला दिया है. अमेरिकी कूटनीतिज्ञ अब ट्रंप की पुरानी शांति योजना को दोबारा लागू करने के लिए इज़रायल और हमास पर दबाव बढ़ा रहे हैं. लेकिन मध्य पूर्व में स्थायी शांति अब भी एक चुनौती बनी हुई है.

गाज़ा-इज़रायल संघर्ष में अमेरिकी जनता का रुख स्पष्ट रूप से ट्रंप की नीतियों से भिन्न है. जहां अधिकतर नागरिक फिलिस्तीन को मान्यता देने और सैन्य कार्रवाई की आलोचना करने के पक्ष में हैं, वहीं ट्रंप का रुख अब भी इज़रायल के समर्थन में है. यह सर्वे इस बात का संकेत देता है कि आगामी चुनावों में विदेश नीति भी एक बड़ा मुद्दा बनने वाला है.

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