ट्रंप की चेतावनी का असर: ईरान ने 800 लोगों की फांसी पर लगाई रोक, व्हाइट हाउस की पुष्टि

व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद ईरान ने 800 लोगों को फांसी देने की योजना पर रोक लगा दी है. सरकार विरोधी प्रदर्शनों और मानवाधिकार उल्लंघनों के बीच यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ी हलचल के रूप में देखा जा रहा है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: व्हाइट हाउस ने गुरुवार को पुष्टि की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी और दबाव के बाद ईरान ने 800 लोगों को फांसी देने की योजना पर रोक लगा दी है. यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता जताई जा रही है.

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यदि ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई जारी रहती है, तो सैन्य कार्रवाई समेत सभी विकल्प खुले हुए हैं. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, देशभर में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान अब तक 2,600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

व्हाइट हाउस का बड़ा दावा

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम ने ईरानी अधिकारियों को सीधी और स्पष्ट चेतावनी दी थी. इस चेतावनी में नियोजित फांसी को वाशिंगटन द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की जा रही हिंसक कार्रवाई से जोड़ा गया था.

लीविट ने ब्रीफिंग में कहा, "राष्ट्रपति आज यह समझ गए हैं कि कल होने वाली 800 फांसियों को रोक दिया गया है. राष्ट्रपति के लिए सभी विकल्प खुले हैं."

प्रतिबंधों के बाद बढ़ा दबाव

व्हाइट हाउस की यह पुष्टि ऐसे समय आई है, जब अमेरिका ने कुछ घंटे पहले ही पांच ईरानी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए थे. इन अधिकारियों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई की साजिश रचने का आरोप है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन ने ईरानी नेताओं द्वारा विदेशी बैंकों में किए गए वित्तीय लेनदेन पर नजर रखने के लिए भी कदम उठाए हैं, जिससे जारी अशांति के बीच तेहरान पर दबाव और बढ़ गया है.

ट्रंप की कड़ी चेतावनी

प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को साफ शब्दों में चेताया था कि अगर विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हत्याएं जारी रहीं तो उसे “गंभीर परिणाम” भुगतने पड़ेंगे.

उन्होंने कहा कि ट्रंप ईरान के अंदर हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उन्हें ईरानी अधिकारियों से यह आश्वासन मिला है कि फांसी और हत्याएं रोकी जाएंगी.

लीविट ने कहा, "राष्ट्रपति और उनकी टीम ने ईरानी शासन को यह संदेश दिया है कि अगर हत्याएं जारी रहीं तो इसके गंभीर परिणाम होंगे," और आगे जोड़ा कि ट्रंप को बताया गया है कि “हत्या और फांसी” रोक दी जाएगी.

ट्रंप का दावा ईरान में हत्याएं रुकीं

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद हो गई हैं. यह बयान कई दिनों की धमकियों, चेतावनियों और बढ़ते तनाव के बीच सामने आया था.

ट्रंप ने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हत्याएं और नियोजित फांसी की सजाएं दोनों पर रोक लगा दी गई है.

उन्होंने कहा, ''फांसी की सजाएं रुक गई हैं और अभी कोई फांसी नहीं होने वाली है, जिसके बारे में पिछले कुछ दिनों से बहुत से लोग बात कर रहे थे."

इरफान सोलतानी का मामला चर्चा में

ये घटनाक्रम 26 वर्षीय ईरानी प्रदर्शनकारी इरफान सोलतानी को लेकर उठी चिंताओं के बाद सामने आए हैं. इरफान को एक सप्ताह से भी कम समय पहले हिरासत में लिया गया था और उनकी फांसी की आशंका जताई जा रही थी.

इरफान सोलतानी के परिवार ने बताया कि उनकी फांसी टाल दी गई है, हालांकि सरकारी प्रसारक आईआरआईबी का कहना है कि उन्हें मौत की सजा सुनाई ही नहीं गई थी.

ईरान ने फांसी की योजना से किया इनकार

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस बात से इनकार किया है कि तेहरान विरोध प्रदर्शनों के संबंध में फांसी की सजा देने की योजना बना रहा है.

अराघची ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, “फांसी देने की कोई योजना नहीं है," और यह भी जोड़ा कि इस तरह की सजा "सवाल से परे" है.

ईरान में मृत्युदंड का इतिहास

गौरतलब है कि ईरान में ऐतिहासिक रूप से फांसी मृत्युदंड देने के प्रमुख तरीकों में से एक रही है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन लंबे समय से सवाल उठाते रहे हैं.

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