बदलते मौसम में बार बार आ रहे बुखार को न करें इग्नोर, तुरंत करवा लें ये दो टेस्ट
Fever Test: बदलते मौसम में बुखार, सर्दी-खांसी और वायरल इंफेक्शन की समस्या आम हो गई है. तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण कई लोग बार-बार बीमार पड़ रहे हैं. अगर बुखार लगातार बना हुआ है, तो इसे हल्के में न लें, बल्कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर जरूरी जांच करवाएं, ताकि सही समय पर बीमारी का पता चल सके और इलाज शुरू किया जा सके.

Fever Test: सर्दियों के जाने और गर्मी के दस्तक देने के बीच का यह समय सेहत के लिए बेहद संवेदनशील होता है. तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण लोग सर्दी-खांसी, वायरल फीवर और फ्लू की चपेट में तेजी से आ रहे हैं. यदि आपको बार-बार बुखार हो रहा है, तो इसे हल्के में न लें, बल्कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरी टेस्ट करवाएं.
मौसम बदलने के कारण इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे बैक्टीरिया और वायरस जल्दी शरीर पर हमला कर सकते हैं. यदि लंबे समय तक बुखार बना रहता है, तो यह मलेरिया या डेंगू का संकेत भी हो सकता है. इसलिए समय रहते सही जांच और इलाज बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि डॉक्टर किस दो टेस्ट को कराना सबसे जरूरी मानते हैं.
मलेरिया टेस्ट
मलेरिया आमतौर पर बारिश के मौसम में ज्यादा फैलता है, लेकिन बदलते मौसम में भी इसका खतरा बना रहता है. यह मच्छरों के काटने से फैलता है और बुखार के साथ ठंड लगना, अधिक पसीना आना और कमजोरी महसूस होना इसके प्रमुख लक्षण हैं. यदि आपको ये लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और मलेरिया टेस्ट करवाएं.
मलेरिया की जांच के लिए खून का सैंपल लिया जाता है, जिससे यह पता चलता है कि आपके शरीर में मलेरिया परजीवी मौजूद हैं या नहीं. यदि टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो डॉक्टर की सलाह पर दवा लेना और उचित देखभाल करना बेहद जरूरी होता है.
डेंगू टेस्ट
डेंगू भी मच्छरों से फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है, जिसमें तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई देते हैं. यदि इन लक्षणों में से कोई भी नजर आ रहा है, तो बिना देर किए डेंगू टेस्ट करवाएं.
डेंगू की पुष्टि के लिए खून की जांच की जाती है, जिससे यह पता चलता है कि आपके शरीर में डेंगू वायरस मौजूद है या नहीं. अगर टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो डॉक्टर उचित दवा और आराम करने की सलाह देते हैं. इस दौरान शरीर में पानी की कमी न होने दें और पौष्टिक आहार का सेवन करें.
अन्य संभावित कारण
मौसम में बदलाव के दौरान सिर्फ मलेरिया और डेंगू ही नहीं, बल्कि वायरल फीवर, फ्लू और टाइफाइड भी बुखार के प्रमुख कारण हो सकते हैं. इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के शुरुआती लक्षण के रूप में भी बुखार आ सकता है.
यदि बुखार तीन दिनों से अधिक बना हुआ है, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और उनकी सलाह के अनुसार इलाज करवाएं. किसी भी तरह की लापरवाही आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है.
Disclaimer: ये आर्टिकल मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर्स से संपर्क करें.


