19 गानों पर लगा बैन...भड़के हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा, बोले- क्या इससे क्राइम रुक जाएंगे ?
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने हरियाणा सरकार द्वारा गन कल्चर और हिंसा बढ़ाने वाले गानों को हटाने के फैसले पर आपत्ति जताई. उनके अनुसार, यह केवल हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री को दबाने की कोशिश है और अपराध इससे नहीं रुकेगा.

हरियाणा : हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने हरियाणा सरकार द्वारा गन कल्चर और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गानों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है. सरकार की इस कार्रवाई के तहत कुल 67 गानों को यूट्यूब और अन्य म्यूजिक ऐप्स से हटाया गया, जिनमें मासूम शर्मा के 19 गाने भी शामिल हैं. इस फैसले से नाराज मासूम ने इसे हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री को दबाने की कोशिश बताया है.
“कानून पूरे देश में एक जैसा हो”
गाने हटाने से नहीं रुकेगा अपराध
सिंगर ने कहा कि सरकार यह दावा कर रही है कि ऐसे गानों को हटाने से अपराध कम होंगे, जबकि हकीकत यह है कि अपराध की जड़ें कहीं और होती हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 15–20 साल पहले भी पंजाब के गाने लोकप्रिय थे, जिनमें हथियारों का जिक्र होता था. अगर हरियाणवी म्यूजिक को दबाया गया, तो श्रोता दोबारा दूसरे राज्यों के गानों की ओर रुख कर लेंगे. उनके अनुसार, इससे गन कल्चर नहीं रुकेगा, बल्कि सिर्फ स्थानीय कलाकारों को नुकसान होगा.
व्यापक कानून और दूसरे मुद्दों पर जोर
मासूम शर्मा ने यह भी कहा कि अगर कोई चीज समाज के लिए गलत है, तो उसके खिलाफ सख्त और स्पष्ट कानून बनाए जाने चाहिए. उन्होंने अश्लीलता के खिलाफ कानून का समर्थन करते हुए कहा कि जुए से जुड़े ऐप्स जैसे प्लेटफॉर्म भी युवाओं को गुमराह कर रहे हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है. केवल कुछ कलाकारों या गानों को निशाना बनाने से समाज की समस्याओं का समाधान नहीं होगा.
हरियाणा की म्यूजिक इंडस्ट्री पर भरोसा
सिंगर का मानना है कि जिस दिन हरियाणा की फिल्म इंडस्ट्री मजबूत होगी, उसी दिन यहां की म्यूजिक इंडस्ट्री भी देशभर में अपनी पहचान बनाएगी, ठीक वैसे ही जैसे बॉलीवुड ने बनाई है. उन्होंने कहा कि स्थानीय कला और कलाकारों को प्रोत्साहन देने से ही सकारात्मक बदलाव आएगा.
क्या है पूरा विवाद
दरअसल, हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स और साइबर यूनिट ने हाल ही में 67 ऐसे गानों के खिलाफ कार्रवाई की, जिन पर गैंगस्टर कल्चर, हथियारों और हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप है. ये गाने यूट्यूब, स्पॉटिफाई और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध थे. पुलिस का कहना है कि इस तरह का कंटेंट युवाओं को अपराधियों से प्रभावित करता है और अपराध को ग्लैमराइज करता है. अधिकांश गानों को हटा या ब्लॉक कर दिया गया है, और पुलिस ने इसे आगे भी सख्त निगरानी की शुरुआत बताया है.


