कनाडा ने भारत पर लगाया बड़ा आरोप, लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बताया सरकार का 'सीक्रेट हथियार'
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. RCMP की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह गिरोह भारतीय सरकार की और से काम कर रहा है.

नई दिल्ली: कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह एक बार फिर सुर्खियों में है. रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की एक गोपनीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह गिरोह भारतीय सरकार की ओर से काम कर रहा है. ग्लोबल न्यूज ने इस रिपोर्ट को हासिल किया है, जिसमें तीन पेज की रिपोर्ट में भारतीय सरकार से जुड़ाव का छह बार जिक्र है. यह रिपोर्ट ऐसे समय पर आई है जब भारत और कनाडा के बीच संबंध सुधारने की कोशिशें चल रही है.
RCMP रिपोर्ट में क्या कहा गया?
आरसीएमपी की रिपोर्ट बताती है कि बिश्नोई क्राइम ग्रुप एक हिंसक संगठन है, जो कनाडा सहित कई देशों में फैल रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरोह हिंसा का इस्तेमाल करके अपने अपराधी कारोबार को बढ़ा रहा है और भारतीय सरकार की ओर से काम कर रहा है. गिरोह जबरन वसूली, ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसी गतिविधियों में शामिल है.
इस संगठन का मुख्य मकसद लालच बताया गया है, न कि राजनीतिक या धार्मिक. रिपोर्ट में गिरोह के करीब 700 सदस्य होने का अनुमान है, जो उत्तर अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों में सक्रिय हैं.
लॉरेंस बिश्नोई की भूमिका
लॉरेंस बिश्नोई 2015 से भारत की साबरमती जेल में बंद है, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक वह जेल से ही अपना गिरोह चला रहा है. उसके सहयोगी जैसे गोल्डी बराड़ के जरिए काम हो रहा है. कनाडा में गिरोह ने पिछले साल से हिंसक गतिविधियां तेज की है, जिसमें गोलीबारी और धमकियां शामिल हैं. सितंबर 2025 में कनाडा ने इस गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया था.
कनाडा में गिरोह की गतिविधियां
कनाडा में बिश्नोई गिरोह ने कई जगहों पर जबरन वसूली की कोशिश की है. ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर भी हमले हुए, जिनकी जिम्मेदारी गिरोह ने ली. बता दें, ये हमले धमकियों और गोलीबारी के रूप में हुए है. गिरोह खासकर पंजाबी डायस्पोरा वाले इलाकों में सक्रिय है और सिख अलगाववादियों को निशाना बनाने के आरोप भी इनपर लगे हैं.
भारत-कनाडा संबंधों पर असर
यह रिपोर्ट जनवरी 2026 में तब आई जब ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी भारत की व्यापार यात्रा पर गए थे. भारत और कनाडा के बीच तनाव 2024 से चल रहा है, जब कनाडा ने हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में भारत पर आरोप लगाए थे. भारत ने हमेशा इन आरोपों को जड़ से खारिज किया है. रिपोर्ट के बाद भी दोनों देश खुफिया जानकारी साझा करने और संगठित अपराध रोकने पर सहमत हुए हैं, लेकिन गिरोह की गतिविधियां जारी है.


