AI के जरिए पार्किंग...77वें गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के हाईटेक इंतजाम, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार-कॉलिंग प्रणाली
दिल्ली पुलिस ने 77वें गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा-व्यवस्था के कड़े और हाईटेट इंतजाम किए हैं. देश में पहली बार AI आधारित वीडियो के माध्यम से लोगों को पार्किंग और रास्तों की जानकारी दी जाएगी. इसके साथ ही भीड़ को कंट्रोल करन के लिए भी कार-कॉलिंग प्रणाली शुरी की होगी.

नई दिल्ली : गणतंत्र दिवस और बीटिंग रिट्रीट समारोह के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस बार आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए कई नए कदम उठाए हैं. सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने डिजिटल तकनीक और परंपरागत व्यवस्था को मिलाकर लोगों की सुविधा और सुरक्षा दोनों को प्राथमिकता दी है. खास बात यह है कि पहली बार एआई आधारित वीडियो के जरिए आम जनता को पार्किंग और मार्गों की जानकारी दी जा रही है, ताकि समारोह के दिन आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो.
पहली बार AI वीडियो के जरिए मार्गदर्शन
पार्किंग व्यवस्था: 22 स्थान और 8,000 वाहन
पुलिस ने पार्किंग के लिए कुल 22 स्थानों का प्रबंध किया है, जहां लगभग 8,000 वाहनों को पार्क किया जा सकेगा. यह व्यवस्था उन लोगों के लिए खास तौर पर बनाई गई है जिनके पास निजी वाहन से आने के पास हैं. हर साल गणतंत्र दिवस परेड के लिए लगभग 77,000 पास जारी किए जाते हैं, जिनमें से करीब 8,000 पास ऐसे लोगों के लिए होते हैं जो निजी वाहनों से कार्यक्रम में शामिल होते हैं. इस कारण पार्किंग की व्यवस्था को व्यवस्थित और सुलभ बनाना महत्वपूर्ण है.
सुरक्षा कर्मियों के लिए शटल बस सेवा
इस बार एक नई पहल के तहत गणतंत्र दिवस पर ड्यूटी करने वाले सुरक्षा कर्मियों के लिए शटल बस सेवा भी शुरू की गई है. यह सेवा खान मार्केट, अमृता शेरगिल मार्ग, पटेल चौक मेट्रो स्टेशन और एचसी माथुर लेन से चलाई जाएगी और हर 10 मिनट में उपलब्ध होगी. इससे सुरक्षा कर्मियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होगी और वे समय पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे.
गूगल मैप से मार्गदर्शन
आमंत्रित मेहमान और टिकट धारक समारोह के दिन अपने निर्धारित पार्किंग स्थल तक पहुंचने के लिए गूगल मैप या मैप प्लस का उपयोग कर सकते हैं. यह डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्तव्य पथ तक जाने के लिए सही रास्ते और आवंटित पार्किंग की सटीक जानकारी देगा. इससे ट्रैफिक की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और लोग अपनी सुविधा के अनुसार सही मार्ग चुन सकेंगे.
सहायता केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 12 की गई
डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस ने जमीनी स्तर पर भी मदद के इंतजाम बढ़ाए हैं. इस बार मुख्य जगहों पर 12 सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पहले इनकी संख्या केवल दो थी. इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारी पार्किंग, पैदल मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में लोगों को मार्गदर्शन देंगे. इससे समारोह के दिन आने वाले लोगों को तुरंत सहायता मिल सकेगी और किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान समय पर किया जा सकेगा.
कार कॉलिंग व्यवस्था से भीड़ नियंत्रण
समारोह के बाद भीड़-भाड़ और असुविधा से बचने के लिए इस बार कार कॉलिंग व्यवस्था शुरू की गई है. इसके तहत मेहमान जब बाहर निकलेंगे, तो वे वहां मौजूद अधिकारियों को अपनी जानकारी देंगे. इसके बाद पार्किंग में लगे लाउडस्पीकर के जरिए वाहन का नंबर या ड्राइवर का नाम बुलाया जाएगा. इससे भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को सुरक्षित रूप से अपने वाहन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.
विशेष कंट्रोल रूम में होगा समन्वय
ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि 26 जनवरी को सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम भी काम करेगा. इस कंट्रोल रूम में पुलिस, दमकल और अन्य आपातकालीन सेवाओं के अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके. ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सरकारी निर्देशों का पालन करें और अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन तथा डिजिटल मैप का उपयोग करें.


