खरमास शुरू होने से पहले यूपी में बीजेपी को मिला नया अध्यक्ष, पंकज चौधरी बने 'कमल' के सरताज, पीयूष गोयल ने किया ताजपोशी का ऐलान

भारतीय जनता पार्टी ने पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. सात बार के सांसद चौधरी की ताजपोशी को ओबीसी रणनीति और आगामी चुनावों की तैयारी के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

लखनऊः भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे को नई दिशा देते हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और सात बार के सांसद पंकज चौधरी को प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. रविवार को हुई औपचारिक घोषणा के साथ ही पंकज चौधरी ने उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान संभाल ली. पार्टी के केंद्रीय मंत्री और चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की और उन्हें प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नामित किया.

पारंपरिक अंदाज में हुआ पदभार ग्रहण

पंकज चौधरी की नियुक्ति का समारोह पूरी तरह पारंपरिक माहौल में आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत स्वस्ति वचन से हुई, इसके बाद शंखनाद और डमरू वादन के साथ वातावरण को उत्सवी बनाया गया. निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भाजपा का ध्वज सौंपकर नए अध्यक्ष को जिम्मेदारी सौंपी. यह क्षण संगठन में नेतृत्व परिवर्तन का प्रतीक बन गया, जिसे कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ देखा.

राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का भी हुआ चयन

प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही भाजपा ने उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चुनाव भी पूरा कर लिया. इस प्रक्रिया में राज्य से कुल 120 नेताओं को राष्ट्रीय परिषद का सदस्य चुना गया है. इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य, स्मृति ईरानी, स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही और भूपेंद्र चौधरी जैसे कई वरिष्ठ चेहरे शामिल हैं. राष्ट्रीय परिषद के सदस्य पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे इस चुनाव का महत्व और बढ़ जाता है.

ओबीसी राजनीति में अहम भूमिका

पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश में भाजपा की ओबीसी रणनीति का एक अहम चेहरा माना जाता है. महाराजगंज लोकसभा सीट से सात बार सांसद रह चुके चौधरी कुर्मी समुदाय से आते हैं, जो राज्य की राजनीति में प्रभावशाली माना जाता है. हाल के लोकसभा चुनावों के दौरान कुर्मी समुदाय के एक हिस्से में भाजपा को लेकर नाराजगी की चर्चा सामने आई थी. ऐसे में पंकज चौधरी की नियुक्ति को ओबीसी वर्ग, खासकर कुर्मी मतदाताओं के साथ पार्टी के रिश्ते मजबूत करने की रणनीतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

शीर्ष नेतृत्व का मिला पूरा समर्थन

पंकज चौधरी के नामांकन के दौरान पार्टी के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि उन्हें संगठन और केंद्रीय नेतृत्व का पूरा भरोसा हासिल है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, सुरेश खन्ना और पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने उनके नामांकन का समर्थन किया था. इससे यह संकेत मिला कि पार्टी नेतृत्व इस बदलाव को एकजुट होकर आगे बढ़ा रहा है.

महाराजगंज से लखनऊ तक समर्थकों का उत्साह

जब पंकज चौधरी ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया, तो उनके संसदीय क्षेत्र महाराजगंज से बड़ी संख्या में समर्थक लखनऊ पहुंचे. लखनऊ हवाई अड्डे से लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय तक समर्थकों की मौजूदगी ने यह दिखाया कि चौधरी का जमीनी आधार मजबूत है. कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका स्वागत किया, जिससे पूरे माहौल में उत्साह देखने को मिला.

आगामी चुनावों पर टिकी नजर

प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पंकज चौधरी के सामने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों को धार देने की बड़ी जिम्मेदारी होगी. माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में भाजपा सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक विस्तार पर विशेष ध्यान देगी. यह नियुक्ति न केवल संगठनात्मक बदलाव है, बल्कि आने वाले चुनावी समीकरणों को साधने की एक अहम राजनीतिक चाल के रूप में भी देखी जा रही है.

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