UP बीजेपी में अध्यक्ष पद के लिए पंकज चौधरी ने किया नामांकन, CM योगी और डिप्टी सीएम केशव मौर्य बने प्रस्तावक

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने औपचारिक रूप से नामांकन दाखिल किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

लखनऊ : उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के 18वें प्रदेश अध्यक्ष को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलें उस समय समाप्त हो गईं, जब केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने औपचारिक रूप से अपना नामांकन दाखिल कर दिया. उनके नामांकन के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश संगठन की कमान उन्हें सौंपने का मन बना लिया है.

CM योगी और डिप्टी सीएम बने प्रस्तावक 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पंकज चौधरी के नामांकन पर प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए. इसके अलावा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, स्मृति ईरानी, स्वतंत्र देव सिंह, दारा सिंह चौहान, एके शर्मा, कमलेश पासवान और असीम अरुण जैसे वरिष्ठ नेताओं का समर्थन भी उन्हें मिला. केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े और संगठन चुनाव प्रभारी डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई.

भाजपा मुख्यालय में राजनीतिक हलचल तेज 
शनिवार को नामांकन दाखिल करने का दिन तय था. सुबह से ही लखनऊ स्थित भाजपा मुख्यालय में राजनीतिक हलचल तेज रही. दिल्ली से लौटकर पंकज चौधरी सीधे पार्टी कार्यालय पहुंचे और चार सेट में नामांकन पत्र दाखिल किए. शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दे दिया कि उनका नाम सर्वसम्मति से तय किया गया है.

सात बार सांसद रह चुके है पंकज चौधरी 
पंकज चौधरी महाराजगंज से सात बार सांसद रह चुके हैं और कुर्मी समुदाय से आते हैं. उनकी नियुक्ति को भाजपा की रणनीतिक चाल माना जा रहा है. इसके जरिए पार्टी विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को संतुलित करना चाहती है. ओबीसी चेहरे को आगे कर भाजपा ने संगठन और सत्ता के बीच सामाजिक संतुलन साधने का प्रयास किया है.

पूर्वांचल पर विशेष फोकस
पंकज चौधरी का प्रभावी क्षेत्र पूर्वांचल है, जो आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाता है. हाल के चुनावों में इस क्षेत्र में विपक्ष की मजबूती को देखते हुए भाजपा ने यहां अपनी पकड़ दोबारा मजबूत करने की रणनीति अपनाई है.

औपचारिक घोषणा और आगे की राह
पार्टी के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 14 दिसंबर को नए प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा होगी. चूंकि पंकज चौधरी के अलावा किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया है, इसलिए उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है. उनकी ताजपोशी से प्रदेश भाजपा में नए सियासी दौर की शुरुआत होगी, जिसका लक्ष्य 2027 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनावों में मजबूत प्रदर्शन करना है.

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