CG IED Blast: बीजापुर में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान IED ब्लास्ट, 11 जवान घायल
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोटों में 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. हालिया मुठभेड़ में छह नक्सलियों के मारे जाने के बाद इलाके में तलाशी अभियान और सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है.

बस्तर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल गतिविधियों ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. रविवार को करेगुट्टा हिल्स इलाके में हुए कई विस्फोटों में कम से कम 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब कुछ ही दिन पहले इसी क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई थी. हालांकि राहत की बात यह है कि सभी घायल जवानों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.
बीजापुर पुलिस के मुताबिक, विस्फोट की सूचना मिलते ही राहत कार्य शुरू किया गया. घायल जवानों को प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए रायपुर एयरलिफ्ट किया गया. अधिकारियों का कहना है कि जवान खतरे से बाहर हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए पहले से विस्फोटक बिछा रखे थे.
हालिया मुठभेड़ में छह नक्सली ढेर
इन विस्फोटों से कुछ दिन पहले, 17 और 18 जनवरी को बीजापुर जिले के बस्तर रेंज में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी. इस कार्रवाई के दौरान छह नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे. बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने बताया कि मारे गए नक्सलियों के पास से दो एके-47 राइफल, एक इंसास राइफल, दो .303 राइफल और एक बीजीएल लॉन्चर बरामद हुआ है. इन सभी नक्सलियों पर कुल 27 लाख रुपये का इनाम घोषित था.
वरिष्ठ माओवादी नेता दिलीप बेदजा ढेर
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 18 जनवरी को इस अभियान को बड़ी सफलता बताया. उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए, जिनमें वरिष्ठ नक्सली नेता दिलीप बेदजा भी शामिल था. दिलीप बेदजा लंबे समय से राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में सक्रिय था और उस पर सुरक्षा बलों की खास नजर थी. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उसे मुख्यधारा में लाने के कई प्रयास किए गए थे, लेकिन वह हिंसा का रास्ता छोड़ने को तैयार नहीं हुआ.
सुरक्षा बलों की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी. लगातार चल रहे तलाशी अभियान के दौरान शनिवार को बीजापुर के उत्तर-पश्चिमी इलाके से दो और माओवादियों के शव बरामद किए गए. इनके पास से स्वचालित हथियार भी मिले हैं. पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव के अनुसार, जिला रिजर्व गार्ड, कोबरा और विशेष कार्य बल की संयुक्त टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया था.
तलाशी अभियान जारी, इलाके में सतर्कता
सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि इलाके में तलाशी और घेराबंदी अभियान लगातार जारी रहेगा. अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा. हालिया घटनाएं यह दिखाती हैं कि नक्सली अब भी हिंसा के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा बल पूरी मजबूती के साथ उनका सामना कर रहे हैं. बीजापुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और नक्सली गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके.


