सम्राट चौधरी के आवास पर पहुंचे CM नीतीश, शकुनी चौधरी को दी जन्मदिन की बधाई...डिप्टी CM को लेकर कह दी ये बात

सीएम नीतीश कुमार रविवार को डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के सरकारी आवास देश रत्न मार्ग पहुंचे. यहां आने के बाद उन्होंने सम्राट चौधरी के पिता और पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी को जन्मदिन पर उन्हें लंबी उम्र की बधाई दी. इसके साथ ही उन्होंने जन्मदिन पर आयोजित विशेष समारोह में शामिल भी हुए.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पहुंचे. अवसर था सम्राट चौधरी के पिता और बिहार के वरिष्ठ नेता रहे शकुनी चौधरी के 90वें जन्मदिन का. इस विशेष समारोह में मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक और भावनात्मक दोनों ही दृष्टि से खास बना दिया.

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ

देश रत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास पर आयोजित समारोह की शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दीप जलाकर की. उन्होंने शकुनी चौधरी से पुराने राजनीतिक दिनों को याद करते हुए लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन की कामना की. मुख्यमंत्री ने उन्हें बिहार की राजनीति का अनुभवी और संघर्षशील नेता बताया.

पिता के सामने सम्राट चौधरी की खुलकर तारीफ
इस मौके पर नीतीश कुमार ने शकुनी चौधरी के सामने उनके पुत्र सम्राट चौधरी की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी मेहनती हैं, काम को गंभीरता से लेते हैं और आगे चलकर राजनीति में और ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे. मुख्यमंत्री की यह बात सुनकर शकुनी चौधरी प्रसन्न दिखे, वहीं सम्राट चौधरी भी मुस्कुराते नजर आए.

लव-कुश समीकरण की यादें फिर हुईं ताजा
समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में शकुनी चौधरी ने बिहार की राजनीति के एक अहम दौर को याद किया. उन्होंने बताया कि एक समय लालू यादव के राजनीतिक वर्चस्व को चुनौती देने के लिए लव-कुश समीकरण तैयार किया गया था. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार उसी राजनीतिक सोच का परिणाम हैं और उस दौर में जॉर्ज फर्नांडिस का नेतृत्व निर्णायक भूमिका में था.

“जो बीज बोया था, आज वह फल दे रहा है” – शकुनी चौधरी
शकुनी चौधरी ने भावुक अंदाज में कहा कि उन्होंने जो राजनीतिक बीज वर्षों पहले बोया था, वह आज फल-फूल रहा है. उन्होंने खुशी जताई कि आज कुर्मी समाज से मुख्यमंत्री और कुशवाहा समाज से डिप्टी सीएम बिहार की सत्ता संभाल रहे हैं. उन्होंने इसे सामाजिक संतुलन और राजनीतिक समझ का उदाहरण बताया.

मुख्यमंत्री ने दिया अपनापन का संदेश
नीतीश कुमार ने शकुनी चौधरी से कहा कि यदि वे पटना में निवास करेंगे तो वे नियमित रूप से उनसे मिलने आएंगे. मुख्यमंत्री की इस बात से शकुनी चौधरी भावुक और प्रसन्न नजर आए. यह मुलाकात सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत रिश्तों की गर्माहट को भी दर्शाती दिखी.

शकुनी चौधरी का लंबा राजनीतिक सफर
4 जनवरी 1936 को मुंगेर जिले के लखनपुर गांव में जन्मे शकुनी चौधरी बिहार की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं. कुशवाहा समाज में उनकी और उनके परिवार की मजबूत पकड़ मानी जाती है. उन्होंने 1985 में तारापुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक के रूप में राजनीतिक करियर की शुरुआत की.

कई दलों से जुड़ा रहा राजनीतिक जीवन
शकुनी चौधरी बाद में कांग्रेस में शामिल हुए और 1990 में विधायक बने. इसके बाद वे समता पार्टी से जुड़े और फिर राजद में गए. वर्ष 2000 में उन्होंने राजद के टिकट पर चुनाव जीतकर राबड़ी देवी सरकार में मंत्री पद संभाला. हालांकि मतभेदों के चलते बाद में उन्होंने लालू यादव से दूरी बना ली.

शकुनी चौधरी का राजनीतिक अनुभव
90 वर्ष की उम्र में भी शकुनी चौधरी का राजनीतिक अनुभव और सामाजिक प्रभाव चर्चा में है. उनके जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि बिहार की राजनीति में पुराने रिश्तों और समीकरणों की अहमियत आज भी बनी हुई है.

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