राजनेता नहीं रसोइया बनना चाहिए... तेज प्रताप यादव ने राहुल गांधी को दी सलाह, बोले-वे मछली पकड़ने में माहिर

लालू यादव के बड़े लाल और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव पूरी तरह से अपनी पार्टी के लिए चुनावी प्रचार में लगे हुए है. इसी बीच उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें राजनेता की बजाय रसोइया बनना चाहिए.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

बिहार : राजनीतिक बयानबाजी के बीच बिहार की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है. लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. तेज प्रताप ने राहुल गांधी की राजनीतिक शैली और उनके हालिया बिहारी दौरे पर व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्हें नेता नहीं, बल्कि “रसोइया” बनना चाहिए.

बेगूसराय दौरे पर बोले तेज प्रताप यादव 

दरअसल, राहुल गांधी रविवार को बिहार के बेगूसराय पहुंचे थे, जहां उन्होंने स्थानीय मछुआरा समुदाय से मुलाकात की और उनके पारंपरिक जीवन-व्यवहार को समझने की कोशिश की. इस दौरान राहुल गांधी ने तालाब में छलांग लगाई और खुद जाल के सहारे मछली पकड़ने की रस्म में हिस्सा लिया. सोशल मीडिया पर उनकी यह तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए. कई लोगों ने इसे राहुल गांधी की “जमीनी राजनीति” बताया, लेकिन तेज प्रताप यादव ने इसे दिखावा करार दिया.

राहुल गांधी का काम मोटरसाइकिल चलाना और प्रदूषण फैलाना
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में तेज प्रताप यादव ने कहा, “राहुल गांधी का असली काम मोटरसाइकिल चलाना और प्रदूषण फैलाना है. वह मछली पकड़ने और दिखावा करने में वक्त बर्बाद कर रहे हैं. अगर वह इसी तरह तालाबों में कूदते रहेंगे, तो देश अंधकार में चला जाएगा.” उन्होंने आगे कहा, “जलेबी छानना, मछली पकड़ना राहुल गांधी को रसोईया होना चाहिए था, नेता नहीं.” तेज प्रताप ने कहा कि राजनीति केवल दिखावा करने का मंच नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी और दूरदर्शिता की मांग करती है.

बेगूसराय में राहुल गांधी का आम लोगों से जुड़ने का प्रयास
राहुल गांधी के समर्थकों का कहना है कि उनका उद्देश्य आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित करना है. बेगूसराय में उन्होंने मछुआरों की समस्याओं को सुना और उनके पारंपरिक पेशे को समझने की कोशिश की. हालांकि, विपक्षी दलों, खासकर बिहार के कुछ क्षेत्रीय नेताओं ने इसे राजनीतिक नौटंकी बताया.

बिहार की राजनीति में बयानबाजी का नया दौर
तेज प्रताप यादव का यह बयान बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि तेज प्रताप की इस टिप्पणी का उद्देश्य कांग्रेस और राहुल गांधी को बिहार में कमजोर दिखाना है. वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे “राजनीतिक अपरिपक्वता” बताया है और कहा कि राहुल गांधी जनता से सीधे जुड़ने की राजनीति कर रहे हैं.

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