गलती हो सकती है, लेकिन गुनाह नहीं...चुनाव रिजल्ट के बाद पहली बार सामने आए प्रशांत किशोर, बोले- प्रायश्चित के लिए सामूहिक मौन उपवास रखूंगा
बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज की हार के बाद प्रशांत किशोर ने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए पूरी जिम्मेदारी स्वीकार की. उन्होंने कहा कि वे व्यवस्था परिवर्तन में सफल नहीं हो सके और जनता का विश्वास नहीं जीत पाए, जिसके लिए वे माफी मांगते हैं.

बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद जन सुराज के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे व्यवस्था परिवर्तन लाने में सफल नहीं हुए, हालांकि राजनीति की सोच और दिशा में बदलाव की कोशिशें आंशिक रूप से असरदार जरूर रहीं. किशोर ने पूरे परिणाम की जिम्मेदारी खुद पर लेते हुए कहा कि जनता ने उन पर भरोसा नहीं किया, और यह कमी उनकी ही थी.
20 तारीख को भीतरहरवा आश्रम में रखेंगे मौन उपवास
VIDEO | Patna: Jan Suraaj Party founder Prashant Kishor, in his first post-election press conference, says, "For the first time in independent India - especially in Bihar - a government promised to spend Rs 40,000 crore for people, and that is why the NDA secured such a big… pic.twitter.com/GHT7AiybVf
— Press Trust of India (@PTI_News) November 18, 2025
बिहार नहीं छोड़ूंगा और मजबूती से लड़ूंगा
किशोर ने हार के बावजूद अपने इरादे मजबूत दिखाते हुए कहा कि वे किसी भी हालत में बिहार छोड़कर नहीं जाएंगे. उनका दावा है कि जन सुराज की जीत भविष्य में जरूर होगी और वे अब पहले से दोगुनी ताकत के साथ संघर्ष जारी रखेंगे. उन्होंने चुनाव में हुई कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर पैसों के वितरण का मुद्दा भी उठाया. उनका कहना था कि अलग-अलग सरकारी और गैर-सरकारी कर्मियों के माध्यम से लगभग 29,000 करोड़ रुपये बांटने के आरोपों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए, क्योंकि क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लोगों को 10 हजार रुपये दिए गए.
“ईमानदार कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे”
प्रशांत किशोर ने साफ कहा कि उनकी कोशिशें ईमानदार थीं, लेकिन वे पूरी तरह असफल रहीं. उन्होंने स्वीकार किया कि न तो व्यवस्था परिवर्तन हुआ और न ही सत्ता परिवर्तन संभव हो पाया. उनका कहना था कि यदि जनता ने जन सुराज पर भरोसा नहीं किया, तो यह उनकी व्यक्तिगत असफलता है. उन्होंने कहा कि उनकी रणनीति, सोच या प्रस्तुति में जरूर कोई कमी रही होगी, और इस असफलता की पूरी जिम्मेदारी वे अपने ऊपर लेते हैं.
वादा न पूरा हुआ तो राजनीति छोड़ने का ऐलान
किशोर ने दावा किया कि विभिन्न योजनाओं में करोड़ों रुपये बांटे जाने का आरोप सही है, इसलिए यदि वोट खरीदे नहीं गए हों, तो सरकार को डेढ़ करोड़ महिलाओं को छह महीने के भीतर दो-दो लाख रुपये देने चाहिए. उन्होंने कहा कि वे इस मांग पर अडिग हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह पैसा महिलाओं को नहीं दिया गया, तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे. उन्होंने एक संपर्क नंबर जारी करने की भी बात कही ताकि जिन महिलाओं को राशि नहीं मिली है, वे उनसे संपर्क कर सकें.


