जमानत पर छूटा, फिर बरपाया कहर: नांदेड़ में पीड़िता के पति को पेट्रोल डालकर जलाया

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में कानून को दहला देने वाली घटना सामने आई है. छेड़खानी के मामले में जमानत पर रिहा हुए आरोपी ने बदले की आग में पीड़िता के पति को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से एक सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. छेड़खानी के एक मामले में जमानत पर छूटे आरोपी ने कानून को खुली चुनौती देते हुए पीड़िता के पति पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. इस हमले में पीड़िता का पति गंभीर रूप से झुलस गया है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है.

घटना ने इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत उसके पिता और भाई को दोबारा गिरफ्तार कर लिया है. पूरे मामले की जांच जारी है.

जमानत पर छूटते ही रची गई साजिश

पुलिस के अनुसार, यह वारदात 29 दिसंबर की सुबह नाइगांव तहसील के बेंद्री गांव में हुई. पुलिस ने बताया कि "संतोष माधवराव बेंद्रीकर के खिलाफ 22 दिसंबर को एक महिला से छेड़खानी करने के आरोप में नाइगांव पुलिस ने मामला दर्ज किया था. उसे 28 दिसंबर को नरसी इलाके से गिरफ्तार किया गया और कुछ ही समय बाद उसे जमानत मिल गई थी."

रिहा होने के अगले ही दिन आरोपी ने अपने परिजनों के साथ मिलकर बदले की नीयत से पीड़िता के पति को निशाना बनाया.

पुलिस में शिकायत करने पर भड़के आरोपी

पुलिस के मुताबिक,"बेंद्रीकर और उसके परिजनों ने 29 दिसंबर को महिला के पति से इस बारे में पूछताछ की कि दंपति ने पुलिस से संपर्क क्यों किया था." इस बातचीत के बाद ही आरोपी पक्ष ने खौफनाक वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई.

पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश

पुलिस ने बताया, "जब यौन उत्पीड़न की शिकार महिला का पति अपने घर के पास एक टिन की झोपड़ी में अपनी भैंसों को चारा देने गया था, तब आरोपी बेंद्रीकर, उसके पिता माधव और उसके भाई शिवकुमार ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी."

आग लगते ही पीड़ित बुरी तरह झुलस गया. उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. महिला का पति नांदेड़ शहर के एक अस्पताल में गंभीर रूप से जलने की चोटों के साथ भर्ती है.

तीनों आरोपी गिरफ्तार, पुलिस हिरासत में भेजे गए

पुलिस उपनिरीक्षक गजानन तोतेवाड ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी, उसके पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है. तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां "अदालत ने उन्हें 30 दिसंबर को पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया था."

इलाके में तनाव, पुलिस अलर्ट

घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया. स्थिति को देखते हुए उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) श्याम पानेगांवकर ने मौके का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है.

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