महाराष्ट्र मंत्रिमंडल विस्तार, छगन भुजबल ने ली मंत्री पद की शपथ
दिसंबर 2024 में देवेंद्र फडणवीस द्वारा किए गए मंत्रिमंडल विस्तार में छगन भुजबल को जगह नहीं मिली थी, जिससे उन्होंने नाराजगी जताई थी. अब उनकी वापसी हुई है, जो कि धनंजय मुंडे के इस्तीफे के बाद हुई है. मुंडे ने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ा था.

Maharashtra Cabinet Expansion News: महाराष्ट्र में मंगलवार को महायुति सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया. इस दौरान एनसीपी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने मंत्री पद की शपथ ली. भुजबल की नियुक्ति धनंजय मुंडे की जगह की गई है, जिन्होंने मार्च 2025 में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.
मंत्रिपरिषद विस्तार के इस समारोह में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार, और कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. शपथ ग्रहण के बाद छगन भुजबल ने कहा, "विभाग को लेकर कोई मतभेद नहीं है. जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा. मुझे किसी खास विभाग की लालसा नहीं है."
मंत्री पद पर छगन भुजबल की नियुक्ति
आगे उन्होंने कहा, "मैं 1991 से मंत्री बनता आया हूं और अब तक कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है, जिसमें गृह विभाग भी शामिल रहा है." अपने राजनीतिक अनुभव की ओर इशारा करते हुए उन्होंने जोड़ा, “ऑल इज वेल. जब अंत अच्छा होता है, तो सब ठीक होता है.”
भुजबल ने अपने शपथग्रहण के बाद उन सभी नेताओं का आभार जताया, जिन्होंने उन्हें फिर से मंत्री पद पर नियुक्त करने में भूमिका निभाई. उन्होंने खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री शिंदे, अजित पवार, देवेंद्र फडणवीस, सुनील तटकरे, और प्रफुल्ल पटेल का धन्यवाद किया.
पिछली नाराजगी के बाद अब मिली जगह
गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में भुजबल को शामिल नहीं किया गया था. उस समय उन्होंने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की थी और यह मुद्दा एनसीपी के भीतर काफी चर्चा में रहा था. अब धनंजय मुंडे के इस्तीफे और उनके करीबी वाल्मीकि कराड का नाम बीड जिले के सरपंच देशमुख की हत्या मामले में आने के बाद, भुजबल की वापसी हुई है.
'अनुभव से सरकार को लाभ होगा' - एकनाथ शिंदे
मंत्री पद की शपथ लेने पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने छगन भुजबल को बधाई देते हुए कहा, “भुजबल एक अनुभवी नेता हैं. उन्होंने पहले भी कई विभागों का नेतृत्व किया है. उनकी कार्यशैली और अनुभव से राज्य सरकार को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा.” छगन भुजबल की वापसी को एनसीपी (अजित गुट) के लिए एक मजबूत संदेश माना जा रहा है, खासतौर पर विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की अंदरूनी मजबूती को दर्शाने के लिहाज से.


