UP के महोबा में आपस में भिड़े BJP के मंत्री स्वतंत्र देव और MLA ब्रजभूषण...सड़क पर हुई तीखी नोकझोंक

यूपी के महोबा जिले में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के कार्यक्रम में उस समय हंगामा हो गया, जब बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत और उनके समर्थक जल आपूर्ति की समस्या को लेकर उग्र हो गए. दोनों ओर से तीखी बहस और धक्का-मुक्की के बाद मंत्री विधायक को लेकर DM कार्यालय पहुंचे और प्रधानों से साथ बैठक की.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

महोबा : उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शुक्रवार को एक अप्रत्याशित घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी. जल शक्ति विभाग के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे, लेकिन वहां उनकी अपनी ही पार्टी के विधायक ब्रजभूषण राजपूत से तीखी झड़प हो गई. यह विवाद जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पानी की आपूर्ति और सड़कों की खराब हालत को लेकर भड़का. विधायक और उनके समर्थकों ने मंत्री के काफिले को बीच सड़क पर रोक लिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. 

100 ग्राम प्रधानों और समर्थकों के साथ पहुंचे 
आपको बता दें कि यह कार्यक्रम रामश्री महाविद्यालय के पास आयोजित था, जहां मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जल जीवन मिशन की प्रगति का जायजा लेने आए थे. लेकिन चरखारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक ब्रजभूषण राजपूत, जो भाजपा से ही हैं, करीब 100 ग्राम प्रधानों और समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए. उन्होंने आरोप लगाया कि कई गांवों में पानी की गंभीर कमी है और पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें महीनों से मरम्मत के इंतजार में हैं. 

दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी हुई 
विधायक का कहना था कि स्थानीय लोग इन समस्याओं से त्रस्त हैं, और प्रशासन की उदासीनता से स्थिति और बिगड़ रही है. जैसे ही मंत्री का काफिला गुजरा, विधायक और उनके समर्थकों ने उसे रोक लिया. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई. पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन समर्थकों की नारेबाजी से अफरा-तफरी मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक ने मंत्री को 'बंधक' बनाने जैसी स्थिति पैदा कर दी, हालांकि यह कुछ मिनटों तक ही चली. 

मंत्री ने विधायक को रोकने की कोशिश की 
मंत्री ने खुद हस्तक्षेप कर विधायक को शांत करने की कोशिश की और उन्हें साथ लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे.जल जीवन मिशन की चुनौतियां और स्थानीय असंतोषयह विवाद जल जीवन मिशन की कमियों को उजागर करता है, जो केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. इस मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य है, लेकिन बुंदेलखंड जैसे सूखाग्रस्त इलाकों में कार्यान्वयन में कई बाधाएं आ रही हैं. 

इन मुद्दों को विधानसभा में भी उठाया गया था 
महोबा जिले में कई गांवों में पाइपलाइन तो बिछ गईं, लेकिन पानी की सप्लाई अनियमित है. इसके अलावा, सड़कों को खोदने के बाद उनकी मरम्मत न होने से यातायात प्रभावित हो रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है. विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने पहले भी इन मुद्दों को विधानसभा में उठाया है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने से उनका गुस्सा फूट पड़ा. स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़कें कीचड़ भरी हो जाती हैं, जबकि सूखे में धूल से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं. 

मंत्री ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया 
इस घटना ने मिशन की प्रगति पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, फिर भी जमीनी स्तर पर लाभ कम दिख रहा है.राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आगे की दिशाविवाद बढ़ने पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने समझदारी दिखाते हुए विधायक और ग्राम प्रधानों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक बुलाई. यहां समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई, और मंत्री ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया. हालांकि, इस घटना ने भाजपा के भीतर कलह की अफवाहों को हवा दे दी है. विपक्षी दलों ने इसे सरकार की विफलता बताते हुए हमला बोला है. 

विपक्ष ने योगी सरकार पर साधा निशाना 
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि योगी सरकार ग्रामीण विकास के दावों में खोखली साबित हो रही है. वहीं, भाजपा नेतृत्व ने इसे आंतरिक मामला बताकर टालने की कोशिश की. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे विवाद लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी की एकता को प्रभावित कर सकते हैं. महोबा जैसे क्षेत्रों में जल संकट चुनावी मुद्दा बन सकता है, जहां किसान और ग्रामीण मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag