ईरान को घेरने की तैयारी में ट्रंप...मिडिल-ईस्ट से बढ़ते तनाव के बीच US ने लाल सागर में तैनात किया USS D. Black...जानें इसकी खासियत ?
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बीच अमेरिका ने अपने उन्नत गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस डेल्बर्ट डी. ब्लैक को इजरायल के ईलात बंदरगाह पर तैनात किया है. यह कदम ईरान के साथ बढ़ते विवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में उठाया गया है. इजरायली सेना ने इसे पूर्वनियोजित अमेरिका-इजरायल सैन्य सहयोग का हिस्सा बताया. जहाज एजिस सिस्टम से लैस है, जो मिसाइल रक्षा और हमलों में सक्षम है.

नई दिल्ली: मध्य पूर्व क्षेत्र में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत करने का कदम उठाया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए एक शक्तिशाली गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर, USS डेल्बर्ट डी. ब्लैक को इजरायल के लाल सागर तट पर स्थित ईलात बंदरगाह पर तैनात कर दिया. यह कदम ऐसे समय में आया है जब ईरान के खिलाफ अमेरिकी घेरेबंदी तेज हो रही है और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं चरम पर हैं.
पूर्व नियोजित रणनीति का हिस्सा
आपको बता दें कि इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने इस तैनाती की पुष्टि करते हुए इसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य सहयोग का हिस्सा बताया. आईडीएफ के अधिकारियों का कहना है कि यह कोई अचानक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित रणनीति का हिस्सा है, जो क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है. इस घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि यह ईरान के साथ संभावित संघर्ष की आशंकाओं को और बल देता है.
अमेरिका ने तेजी से बढ़ाया सैन्य क्षमता
पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य क्षमताओं को तेजी से बढ़ाया है. इसमें अतिरिक्त युद्धपोतों की तैनाती, उन्नत रक्षा प्रणालियों की स्थापना और मिसाइल क्षमताओं का विस्तार शामिल है. विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय खतरों से निपटना, सहयोगी देशों को सुरक्षा प्रदान करना और ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों को खुला रखना है.
USS Delbert D. Black https://t.co/OiB2DMqnvZ pic.twitter.com/qQQVPYMTEu
— Emanuel (Mannie) Fabian (@manniefabian) January 30, 2026
ईरान में हालिया प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत के बाद वॉशिंगटन का रुख और कड़ा हो गया है. ट्रंप प्रशासन ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और क्षेत्रीय प्रभाव को सीमित करने के लिए लगातार कदम उठा रहा है.
इस संदर्भ में यूएसएस डेल्बर्ट डी. ब्लैक की तैनाती को एक रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है, जो ईरान को स्पष्ट चेतावनी देती है. अमेरिका का मानना है कि ईरान की गतिविधियां क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं, और इसलिए सैन्य उपस्थिति को बढ़ाना आवश्यक हो गया है.
यूएसएस डेल्बर्ट डी. ब्लैक की विशेषताएं और भूमिका
यूएसएस डेल्बर्ट डी. ब्लैक अमेरिकी नौसेना का एक उन्नत अर्ली बर्क-क्लास गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर है, जिसका नाम नौसेना के पहले मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर डेल्बर्ट डी. ब्लैक के सम्मान में रखा गया. यह फ्लाइट आईआईए संस्करण है, जो हवाई, सतही और पनडुब्बी युद्धों में माहिर है.
जहाज में एजिस कॉम्बैट सिस्टम लगा है, जो उन्नत एयर डिफेंस, बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों को लॉन्च करने की क्षमता प्रदान करता है. इसके अलावा, एसएम-3 और एसएम-6 मिसाइलों से लैस यह डिस्ट्रॉयर दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को मध्य हवा में ही नष्ट कर सकता है.
जनवरी 2026 में रवाना हुआ था जहाज
जनवरी 2026 की शुरुआत में अमेरिका से रवाना हुआ यह जहाज पहले भूमध्य सागर क्षेत्र से गुजरा और अब लाल सागर के ईलात पोर्ट पर पहुंचा है. अमेरिकी नौसेना के बेड़े का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के कारण यह जहाज क्षेत्रीय संघर्षों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है.
ईलात ईरान से लगभग 1700 किलोमीटर दूर
ईलात बंदरगाह की रणनीतिक महत्वपूर्णताईलात बंदरगाह पर अमेरिकी युद्धपोत की तैनाती को असामान्य माना जा रहा है, क्योंकि लाल सागर क्षेत्र में अमेरिकी जहाजों की गश्त तो सामान्य है, लेकिन ईलात पर रुकना दुर्लभ होता है. ईलात ईरान से लगभग 1700 किलोमीटर दूर है, लेकिन इसकी भौगोलिक स्थिति इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है.
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम ईरान को कड़ा संदेश देता है, इजरायल को मजबूत समर्थन का आश्वासन देता है और क्षेत्र में शक्ति संतुलन को प्रभावित करता है. यह तैनाती मध्य पूर्व की संवेदनशील स्थिति को दर्शाती है, जहां छोटी-छोटी घटनाएं बड़े संघर्ष का रूप ले सकती हैं.
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह केवल निवारक उपाय है या तनाव और बढ़ेगा.ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय गतिविधियांइस बीच, ईरान ने भी अपनी सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया है. आईआरजीसी से जुड़ी तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने अपनी चार सैन्य इकाइयों में 1000 नए रणनीतिक ड्रोन शामिल किए हैं, जो अमेरिकी हमलों से बचाव के लिए हैं.
ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य
ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं, जिसमें ईरानी परमाणु सुविधाओं पर लक्षित हमले शामिल हो सकते हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरानी अधिकारियों ने हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है ताकि आगे के विरोधों को रोका जा सके.
ये घटनाक्रम मध्य पूर्व को एक नए संघर्ष की ओर धकेल सकते हैं, जहां अमेरिका और ईरान के बीच टकराव वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को प्रभावित करेगा. कुल मिलाकर, यह स्थिति क्षेत्रीय शक्तियों के बीच बढ़ते अविश्वास को उजागर करती है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सतर्क रहने की जरूरत है.


