ईरान पर खतरा बढ़ा! अमेरिका का मिसाइल डेस्ट्रॉयर ईलात बंदरगाह पहुंचा, जानें क्या है ट्रंप का प्लान
अमेरिकी नौसेना का एक शक्तिशाली युद्धपोत USS Delbert D. Black इजरायल के दक्षिणी रेड सी बंदरगाह ईलात पर पहुंच गया है. इस बात की जानकारी इजरायली सेना ने दी है.

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना का एक शक्तिशाली युद्धपोत USS Delbert D. Black (DDG-119) इजरायल के दक्षिणी रेड सी बंदरगाह ईलात पर पहुंच गया है. इजरायली सेना (IDF) ने इसकी पुष्टि की है कि यह दौरा पहले से निर्धारित था और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे सैन्य सहयोग का हिस्सा है. हालांकि, यह घटना ईरान के साथ बढ़ते विवाद के समय में खास महत्व रखती है.
USS Delbert D. Black मजबूत युद्धपोत
यह जहाज अर्लेघ बर्क क्लास का गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर है. इसमें उन्नत एजिस कॉम्बैट सिस्टम लगा है, जो हवाई हमलों, बैलिस्टिक मिसाइलों और क्रूज मिसाइलों (जैसे टोमाहॉक) से निपटने की क्षमता रखता है. यह जहाज हवा, समुद्र और जमीन से आने वाले खतरों के खिलाफ लड़ने के लिए बनाया गया है.
जनवरी 2026 की शुरुआत में यह अमेरिका से अपने निर्धारित मिशन पर निकला था. पहले यह यूरोप (मेडिटरेनियन क्षेत्र) से गुजरा और फिर रेड सी में पहुंचा.
ईलात बंदरगाह पर डॉकिंग का महत्व
ईलात इजरायल का एकमात्र रेड सी बंदरगाह है, जो गल्फ ऑफ अकाबा में स्थित है. अमेरिकी युद्धपोत अक्सर रेड सी में गश्त करते हैं, लेकिन ईलात पर डॉकिंग बहुत दुर्लभ होती है. इजरायली मीडिया और अधिकारियों के अनुसार, यह अमेरिका और इजरायल के बीच मजबूत समन्वय का संकेत है. इस दौरा ईरान के साथ संकट के बीच हुआ है, जब अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है.
ईरान के साथ क्यों बढ़ रहा तनाव?
जनवरी 2026 में ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं. इनमें सैकड़ों लोगों की मौत की खबरें है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों पर हमले जारी रहे या न्यूक्लियर कार्यक्रम बढ़ाया गया, तो बड़ा हमला हो सकता है.
ट्रंप ने कहा है कि एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है. अमेरिका ने हाल में कई सैन्य संसाधन तैनात किए हैं, जैसे USS Abraham Lincoln एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप, कई डेस्ट्रॉयर्स, F-15E फाइटर जेट्स और एयर डिफेंस सिस्टम. कुल मिलाकर 35,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मध्य पूर्व में हैं.
सऊदी अरब और UAE युद्ध से परेशान
यह तैनाती इजरायल की सुरक्षा बढ़ाने में मदद कर सकती है, खासकर ईरानी मिसाइल हमलों से बचाव में. ट्रंप की नीति ईरान पर अधिकतम दबाव बनाने की है, ताकि वह न्यूक्लियर डील करे या बदलाव लाए. क्षेत्रीय देश जैसे सऊदी अरब और UAE युद्ध से चिंतित हैं, लेकिन अमेरिका-इजरायल गठबंधन मजबूत है. ईलात पर यह डॉकिंग एक मजबूत संदेश है कि अमेरिका किसी भी स्थिति के लिए तैयार है.
ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है, जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज रोकना या अमेरिकी ठिकानों पर हमला. फिलहाल कोई हमला नहीं हुआ है, लेकिन स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है. अमेरिका इसे रक्षात्मक और सहयोगी कदम बता रहा है, जबकि ईरान इसे खतरा मान रहा है.


