असम के 7 जिलों में 64 लाख घुसपैठियों का कब्जा, गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस को ठहराया इसका जिम्मेदार
असम में घुसपैठ की समस्या पर अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है कि 7 जिलों में अभी भी अब 64 लाख से ज्यादा घुसपैठियों का कब्जा है.

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में घुसपैठ की समस्या पर कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 20 साल के शासन के दौरान राज्य की जनसंख्या में बड़ा बदलाव आया. शाह ने दावा किया कि असम के सात जिलों में अब 64 लाख से ज्यादा घुसपैठिए हावी हो गए हैं.
इन सात जिलों का नाम है धुबरी, बारपेटा, दरांग, मोरीगांव, बोंगाईगांव, नागांव और गोलपारा. उन्होंने चेतावनी दी कि पहले इन इलाकों में घुसपैठिए बहुत कम थे, लेकिन कांग्रेस की नीतियों से यह संख्या बढ़ी है.
भाजपा ही रोक सकती है घुसपैठ
धेमाजी में एक चुनावी रैली में बोलते हुए शाह ने कहा कि केवल भाजपा सरकार ही इस समस्या का समाधान कर सकती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हथियार लेकर सीमा पर न जाएं, बल्कि चुनाव में भाजपा को फिर से चुनें.
शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार की तारीफ की और कहा कि वह घुसपैठ को रोकने का काम करेगी. उन्होंने बताया कि मोदी सरकार के नेतृत्व में असम में घुसपैठियों से 1.26 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन वापस ली गई है.
आदिवासी समुदाय की भूमिका पर की बात
शाह ने असम के मिसिंग आदिवासी समुदाय की मेहनत की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस समुदाय की कड़ी मेहनत वाली जीवनशैली ने ऊपरी असम में घुसपैठ को रोकने में बड़ा योगदान दिया है. घुसपैठिए इस क्षेत्र में नहीं आ सके, इसका श्रेय मिसिंग समुदाय की संस्कृति को जाता है.
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समय में कई आदिवासी समूहों को अपनी पहचान बचाने में मुश्किल हुई. अब भाजपा सरकार इनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए बातचीत कर रही है और एक वार्ताकार भी नियुक्त किया गया है.
#WATCH | Dibrugarh, Assam | Union Home Minister Amit Shah says, "...In our Assam, tell me very seriously... is the problem of Assam the problem of Dibrugarh or not?... Should there be a infilteration in Assam? Should there be a Ghuspet in Assam?.. The Congress Party has made… pic.twitter.com/JChyofunl4
— ANI (@ANI) January 30, 2026
असम में होगा विधानसभा चुनाव
दरअसल असम में इस साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. राज्य में 126 सीटें हैं और भाजपा 2016 से लगातार सत्ता में है. शाह ने लोगों से अपील की कि वे तीसरी बार भाजपा को चुनें ताकि घुसपैठ की समस्या पर काबू पाया जा सके. कांग्रेस इस बार सत्ता वापस लेने की कोशिश में है, लेकिन शाह ने कहा कि भाजपा ही राज्य को सुरक्षित रख सकती है.


