वर्क-लाइफ बैलेंस की ओर कर्नाटक पुलिस का बड़ा कदम, ड्यूटी के साथ-साथ रिश्तों को भी मिलेगी प्राथमिकता

कर्नाटक पुलिस ने जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर पुलिसकर्मियों को आकस्मिक अवकाश देने का फैसला किया है. डीजीपी के आदेश के अनुसार यह पहल कार्य-जीवन संतुलन सुधारने, तनाव कम करने और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है.

Shraddha Mishra

कर्नाटक: अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कर्नाटक पुलिस ने एक सराहनीय कदम उठाया है. अब राज्य के पुलिसकर्मी अपने जन्मदिन और शादी की सालगिरह जैसे खास मौकों पर आकस्मिक अवकाश ले सकेंगे. इस फैसले का मकसद पुलिस बल के भीतर कार्य-जीवन संतुलन को बेहतर बनाना और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना है.

यह फैसला कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक (DG और IGP) एमए सलीम द्वारा गुरुवार को जारी एक आधिकारिक परिपत्र के बाद लागू किया गया है. परिपत्र में साफ कहा गया है कि पुलिस सेवा स्वभाव से ही बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों को कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है।

व्यक्तिगत जीवन के लिए समय की कमी

परिपत्र में यह भी स्वीकार किया गया है कि सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाते हुए पुलिसकर्मियों के पास अपने परिवार और निजी जीवन के लिए बहुत कम समय बचता है. लगातार ड्यूटी, आपातकालीन हालात और अनियमित काम के घंटे उनके निजी रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालते हैं.

जन्मदिन और शादी की सालगिरह जैसे निजी और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण दिनों पर छुट्टी देने का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को परिवार के साथ समय बिताने का अवसर देना है. इससे वे मानसिक रूप से तरोताजा महसूस कर सकें और अपने कर्तव्यों पर नए उत्साह के साथ लौट सकें. परिपत्र में कहा गया है कि ऐसे छोटे लेकिन अहम कदम तनाव को कम करने में मददगार हो सकते हैं.

बढ़ेगा कर्मचारियों का मनोबल 

कर्नाटक पुलिस का मानना है कि इस तरह की पहल से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, काम से जुड़ा तनाव घटेगा और उनकी कार्य संतुष्टि में सुधार होगा. बेहतर मानसिक और भावनात्मक स्थिति का सीधा असर उनकी उत्पादकता और कार्यक्षमता पर भी पड़ेगा.

इस निर्णय को एक मानवीय कदम बताते हुए परिपत्र में कहा गया है कि यह पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए बलिदानों की पहचान करता है. साथ ही, इससे विभाग के प्रति उनकी वफादारी और प्रतिबद्धता भी मजबूत होगी. बेहतर स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली से अनुशासन, दक्षता और सेवा की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद जताई गई है.

डीजीपी ने राज्य भर के सभी यूनिट प्रमुखों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि जब भी कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी अपने जन्मदिन या शादी की सालगिरह पर छुट्टी का अनुरोध करे, तो उसे मंजूरी दी जाए.

कार्य वातावरण को मानवीय बनाने की कोशिश

पुलिस बल के भीतर इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है. लंबे समय से यह महसूस किया जा रहा था कि अत्यधिक दबाव और अनिश्चित ड्यूटी के बीच पुलिसकर्मियों के व्यक्तिगत जीवन पर ध्यान देना जरूरी है. अपने कर्मचारियों को खास पारिवारिक पलों को जीने का अवसर देकर कर्नाटक पुलिस पेशेवर जिम्मेदारियों और निजी जीवन के बीच स्वस्थ संतुलन बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बढ़ा रही है.

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