दिल्ली ब्लास्ट में शामिल आतंकी डॉक्टरों का खत्म हुआ मेडिकल करियर, नहीं कर पाएंगे प्रैक्टिस और इलाज...रद्द हुआ रजिस्ट्रेशन
दिल्ली ब्लास्ट में शामिल चार डॉक्टर डॉ. मुजफ्फर अहमद, डॉ. अदील राठेर, डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन सईद को नेशनल मेडिकल कमीशन ने पंजीकरण रद्द कर डॉक्टर प्रैक्टिस पर रोक लगा दी है. ये डॉक्टर UAPA के तहत दोषी पाए गए और अब चिकित्सा पेशे में वापस नहीं आ पाएंगे.

नई दिल्ली : दिल्ली ब्लास्ट में शामिल चार डॉक्टर डॉ. मुजफ्फर अहमद, डॉ. अदील अहमद राठेर, डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन सईद अब अपनी डॉक्टरी प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे. नेशनल मेडिकल कमीशन ने अपने रजिस्टर से इनके नाम हटा दिए हैं. आयोग ने स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक ये डॉक्टर मरीजों का इलाज नहीं कर सकते और न ही चिकित्सा पेशे में किसी पद पर कार्य कर सकते हैं.
13 लोगों की हो चुकी है मौत
नेशनल मेडिकल कमीशन का नोटिस
एनएमसी ने सार्वजनिक नोटिस में कहा कि जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत डॉक्टरों को जांच एजेंसियों द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में शामिल पाया गया. आयोग ने कहा कि ऐसा आचरण चिकित्सा पेशे के नैतिक मानकों और सार्वजनिक विश्वास के अनुरूप नहीं है. यह मामला इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (पेशेवर आचरण, शिष्टाचार और नैतिकता) विनियम, 2002 के अंतर्गत आता है.
पंजीकरण रद्द करने के आदेश
जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल ने डॉक्टरों का पंजीकरण रद्द करने का आदेश दिया और निर्देश दिया कि इनके नाम राष्ट्रीय मेडिकल रजिस्टर से तत्काल हटाए जाएं. इसके परिणामस्वरूप ये डॉक्टर अगले आदेश तक चिकित्सा पद्धति का अभ्यास नहीं कर सकते और चिकित्सक के रूप में कोई पद नहीं संभाल सकते.
व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का खुलासा
10 नवंबर को फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय में डॉ. मुजम्मिल के किराए के मकान से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ. इसी विश्वविद्यालय के आसपास कुल 2,900 किलोग्राम विस्फोटक मिला और एक ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का भंडाफोड़ हुआ. डॉ. मुजफ्फर अहमद अगस्त में भारत से भाग गया था और माना जाता है कि वह अफगानिस्तान में है.
साजिश में शामिल अन्य डॉक्टर
डॉ. अदील राठेर को 7 नवंबर को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया. उसके लॉकर से एक एके-56 राइफल और अन्य गोला-बारूद बरामद हुए. डॉ. शाहीन सईद, लखनऊ की महिला डॉक्टर, इस साजिश की पूरी जानकारी रखती थी और विस्फोट की योजना में शामिल थी. जांच एजेंसियां इन डॉक्टरों के पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं.
डॉक्टरी पेशे पर कालिख
यह मामला भारतीय चिकित्सा पेशे के लिए गंभीर चेतावनी है. डॉक्टरों की भूमिका और उनकी व्हाइट कॉलर साजिश ने चिकित्सा पेशे की नैतिकता और जनता के विश्वास को गंभीर झटका दिया है. नेशनल मेडिकल कमीशन ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए पंजीकरण रद्द कर डॉक्टरों को चिकित्सा पेशे से निष्कासित किया है.


