कैफे में कत्ल, इंस्टाग्राम पर कबूलनामा... दिल्ली कैफे हत्याकांड में आरोपी का चौंकाने वाला खुलासा
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर इलाके में एक कैफे के अंदर गोलीबारी में 24 वर्षीय फैजान की मौत हो गई. आरोपी ने सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी ली, जबकि परिवार ने पैसों के विवाद का आरोप लगाया. पुलिस जांच में जुटी है.

नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर इलाके में देर रात हुई एक खौफनाक गोलीबारी ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया. एक कैफे के अंदर गोलियों की आवाज गूंजी और कुछ ही मिनटों में वहां अफरा-तफरी मच गई. इस घटना में 24 वर्षीय युवक की जान चली गई, जिससे न सिर्फ इलाके में डर का माहौल बन गया, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है और इसे आपसी रंजिश से जुड़ा अपराध मानकर देखा जा रहा है.
यह घटना 23 जनवरी की रात करीब 10:28 बजे मौजपुर इलाके में स्थित ‘मिस्टर किंग लाउंज एंड कैफे’ में हुई. पुलिस को फायरिंग की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया. जब पुलिस वहां पहुंची तो कैफे के अंदर एक युवक खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला.
मृतक की पहचान और हालत
घायल युवक की पहचान जेएमसी वेलकम इलाके के रहने वाले फैजान उर्फ फज्जी (24) के रूप में हुई, जो सहरोज आलम का बेटा था. फैजान को तुरंत जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. शुरुआती जांच में सामने आया कि उसे सिर और सीने में गोलियां लगी थीं, जिससे उसकी मौके पर ही हालत बेहद गंभीर हो गई थी.
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि जिस कैफे में यह वारदात हुई, वह अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था. इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक जांच के दौरान कैफे को सील कर दिया, ताकि सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके.
सोशल मीडिया पर आरोपी का कबूलनामा
घटना के कुछ घंटों बाद इस मामले ने तब नया मोड़ ले लिया, जब इंस्टाग्राम पर एक वीडियो सामने आया. ‘moinqureshiii_’ नाम के अकाउंट से डाले गए इस वीडियो में आरोपी ने खुद गोलीबारी की जिम्मेदारी ली. उसने कहा कि यह हत्या किसी साजिश या पैसों के लेन-देन की वजह से नहीं, बल्कि निजी दुश्मनी के चलते की गई.
वीडियो में आरोपी ने दावा किया कि कुछ महीने पहले फैजान ने उसे थप्पड़ मारा था और उसी का बदला लेने के लिए उसने यह कदम उठाया. उसने यह भी कहा कि इस घटना में उसके पिता, परिवार या दोस्तों की कोई भूमिका नहीं है.
पीड़ित परिवार के गंभीर आरोप
हालांकि, मृतक के भाई ने आरोपी के दावों को खारिज करते हुए इसे पैसों से जुड़ा विवाद बताया है. उसके अनुसार, फैजान ने कर्ज लिया था और रकम न चुका पाने पर आरोपी और उसके पिता ने पहले भी झगड़ा किया था. पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले ही पुलिस में की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
मृतक के भाई ने यह भी आरोप लगाया कि फैजान को दो नहीं, बल्कि तीन गोलियां लगी थीं और उसके हाथों पर चोट के निशान थे, जिससे पता चलता है कि उसने खुद को बचाने की कोशिश की थी.
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 व 27 के तहत केस दर्ज कर लिया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी देर रात तक घटनास्थल पर मौजूद रहे और जांच अभी जारी है.


