अब कोई बचाने नहीं आएगा, अनुज चौधरी के FIR आदेश के बाद अखिलेश यादव बोले- अब ये पक्षपात पुलिसकर्मी अकेले में...
संभल हिंसा मामले में अदालत के आदेश पर एएसपी अनुज चौधरी समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश से सियासी हलचल तेज हो गई है. अखिलेश यादव ने सरकार और पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया.

संभल : उत्तर प्रदेश के संभल हिंसा मामले में अदालत के आदेश के बाद राजनीतिक माहौल तेजी से गर्म हो गया है. कोर्ट ने तत्कालीन सर्कल ऑफिसर और वर्तमान में फिरोजाबाद में तैनात एएसपी अनुज चौधरी समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. इस फैसले के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला बोला है.
अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा तंज
इलाज के लिए भटकता रहा घायल युवक
पीड़ित पक्ष के वकील कमर हुसैन के अनुसार, आलम नाम का युवक रोजी-रोटी के लिए ठेली लगाकर रस्क बेचता था. हिंसा के दिन वह इलाके में मौजूद था, तभी पुलिस की फायरिंग में वह गोली लगने से घायल हो गया. जान बचाकर वह वहां से निकला और इलाज के लिए कई अस्पतालों में गया, लेकिन उसे कहीं भी उपचार नहीं मिला.
अब पुलिस के बड़े साहब कोर्ट के आदेश को अवैध बता रहे हैं, इसे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा क्या? अब कहीं माननीय न्यायालय इनके ख़िलाफ़ भी कार्रवाई न दे। सत्ता की चापलूसी के चक्कर में ज़्यादा दरोगाई दिखाना कहीं महंगा न पड़ जाए। pic.twitter.com/CUxVeGPFCO
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 14, 2026
शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
वकील ने बताया कि आलम के पिता ने घटना के बाद पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कोई कदम नहीं उठाया गया. पुलिस की निष्क्रियता से निराश होकर पीड़ित पक्ष ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में याचिका दायर की. अदालत ने तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया.
एसपी का रुख: आदेश को दी जाएगी चुनौती
अदालत के आदेश के बाद संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि फिलहाल एएसपी अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी. उन्होंने बताया कि इस आदेश को उच्च अदालत में चुनौती दी जाएगी. एसपी का यह भी कहना है कि इस मामले में पहले ही न्यायिक जांच पूरी हो चुकी है.
अब कोई बचाने नहीं आयेगा… अब ये पक्षपाती पुलिसकर्मी अकेले में खाली बैठकर याद करेंगे :
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 14, 2026
- भाजपा का फ़ार्मूला न. 1 : पहले इस्तेमाल करो फिर बर्बाद करो!
- भाजपा का फ़ार्मूला न. 2 : भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं। pic.twitter.com/lC8iW5alcC
न्यायपालिका बनाम प्रशासन की स्थिति
संभल हिंसा प्रकरण अब न्यायालय के निर्देशों और पुलिस प्रशासन के फैसलों के बीच टकराव का रूप लेता दिख रहा है. यह मामला पुलिस जवाबदेही, कानून के पालन और राजनीतिक हस्तक्षेप जैसे अहम सवालों को सामने ला रहा है, जिनका असर आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है.


