दिल्ली की फैज-ए-इलाही मस्जिद पर बुल्डोजर एक्शन की तैयारी, इलाके में बढ़ी सुरक्षा

पुरानी दिल्ली की फैज-ए-इलाही मस्जिद के बाहरी हिस्से पर डिमोलिशन का खतरा है. एमसीडी और कोर्ट के आदेश पर विवाद बढ़ा, प्रशासन सतर्क, मस्जिद प्रबंधन और शाही जामा मस्जिद के इमाम ने कार्रवाई रोकने की अपील की.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के एक हिस्से पर डिमोलिशन की तलवार लटकी हुई है. मस्जिद के बाहरी हिस्से को लेकर कोर्ट और एमसीडी (म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली) के आदेश के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है. प्रशासन और पुलिस ने पूरी सतर्कता बरतते हुए निगरानी बढ़ा दी है.

एमसीडी का आदेश 

एमसीडी ने 22 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि मस्जिद परिसर के कुल 0.195 एकड़ से अधिक हिस्सा अतिक्रमण के अंतर्गत आता है. इस अवैध हिस्से में एक बारात घर और एक डिस्पेंसरी चल रही हैं, जिन्हें हटाने के आदेश दिए गए हैं. आदेश जारी होते ही मस्जिद प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया.

पुलिस और प्रशासन की सक्रियता

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए डीसीपी, एसीपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मस्जिद का निरीक्षण किया. पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ भी बैठकें कीं, ताकि विवाद को किसी तरह के हिंसक रूप में बदलने से रोका जा सके. कोर्ट के आदेश के बाद मस्जिद के बाहरी हिस्से की पैमाइश भी पूरी कर ली गई है. प्रशासन ने आसपास के इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा और निगरानी तैनात कर दी है.

मस्जिद प्रबंधन का पक्ष

मस्जिद मैनेजमेंट कमेटी का कहना है कि विवादित जमीन दिल्ली वक्फ बोर्ड की है और इस संबंध में सभी वैध दस्तावेज बोर्ड की ओर से पेश किए जाएंगे. इसी सिलसिले में मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है. उनका दावा है कि मस्जिद के इस हिस्से पर कोई अतिक्रमण नहीं है और मामले की न्यायिक समीक्षा होनी चाहिए.

शाही जामा मस्जिद के इमाम ने भी जताई चिंता

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की शाही जामा मस्जिद के इमाम अहमद बुखारी भी सक्रिय हो गए हैं. उन्होंने रविवार देर रात खुद फैज-ए-इलाही मस्जिद का दौरा किया और सोमवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी चिंता जताई. उन्होंने अपील की कि मसला अभी कोर्ट में विचाराधीन है और पुलिस या प्रशासन किसी भी तरह की तोड़फोड़ की कार्रवाई फिलहाल न करें.

इलाके में बढ़ा तनाव

मस्जिद के विवादित हिस्से पर डिमोलिशन के खतरे ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया है. स्थानीय लोग और मस्जिद प्रबंधन दोनों ही अपनी बात रखने में सक्रिय हैं. प्रशासन की सतर्कता के बावजूद लोगों में डर और असमंजस की स्थिति बनी हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि कोर्ट के फैसले तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई से विवाद और बढ़ सकता है.

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