पंजाब को गैंगस्टर मुक्त बनाने के लिए 'गैंगस्टरां ते वार' अभियान शुरू,पहले ही दिन गैंगस्टरों के 1300 से अधिक साथी हिरासत में लिए गए

पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य को गैंगस्टर मुक्त बनाने के लिए ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान शुरू किया है. इसके तहत पंजाब पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाकर विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की. पहले दिन 2000 से ज्यादा पुलिस टीमों ने छापेमारी कर 1300 से अधिक सहयोगियों को हिरासत में लिया.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

पंजाब : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य को गैंगस्टर मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान की शुरुआत की है. इसी अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ नाम से एक व्यापक और सुनियोजित कार्रवाई शुरू की है. इस अभियान का उद्देश्य विदेश में बैठे गैंगस्टरों और उनके स्थानीय नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है. ऑपरेशन के पहले ही दिन पुलिस ने राज्य के अलग-अलग जिलों में चिन्हित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर संगठित अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश दिया है.

डीजीपी ने बताया ऑपरेशन का मकसद और दायरा

पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने गैंगस्टरों के खिलाफ इस अभियान को राज्य की सुरक्षा के लिए बेहद अहम बताया है. उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत 72 घंटे की विशेष कार्रवाई पहले से तय रणनीति के तहत चलाई जा रही है. डीजीपी के अनुसार, इस ऑपरेशन का फोकस विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के नेटवर्क, उनके सहयोगियों और आर्थिक तथा लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम को तोड़ने पर है, ताकि राज्य में संगठित अपराध की कमर पूरी तरह तोड़ी जा सके.

हजारों पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा
ऑपरेशन के पैमाने को लेकर डीजीपी ने जानकारी दी कि इस अभियान में 12 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को लगाया गया है. राज्य भर में 2000 से ज्यादा पुलिस टीमें गठित कर विदेश आधारित करीब 60 गैंगस्टरों से जुड़े सहयोगियों के पहचाने गए और पहले से मैप किए गए ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती यह दिखाती है कि सरकार और पुलिस प्रशासन इस बार किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है.

पहले दिन बड़ी संख्या में संदिग्ध हिरासत में
ऑपरेशन प्रहार के पहले दिन की कार्रवाई के नतीजों को साझा करते हुए विशेष डीजीपी कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने बताया कि राज्य भर में विदेश में बैठे गैंगस्टरों से जुड़े 1314 सहयोगियों और साथियों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि सभी हिरासत में लिए गए लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि गैंगस्टर नेटवर्क की पूरी चेन, फंडिंग और हथियारों की सप्लाई से जुड़ी जानकारी सामने लाई जा सके. पुलिस का लक्ष्य है कि इस जांच के जरिए भविष्य में होने वाली आपराधिक गतिविधियों को पहले ही रोका जाए.

आम लोगों से सहयोग की अपील
पंजाब पुलिस ने इस अभियान में आम नागरिकों से भी सक्रिय सहयोग की अपील की है. विशेष डीजीपी ने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ यह लड़ाई सिर्फ पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है. नागरिक गुप्त रूप से वांछित अपराधियों या गैंगस्टरों से जुड़ी किसी भी जानकारी को एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर साझा कर सकते हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.

गैंगस्टर मुक्त पंजाब की ओर बड़ा कदम
‘गैंगस्टरां ते वार’ और ‘ऑपरेशन प्रहार’ को पंजाब सरकार की अब तक की सबसे सख्त और व्यापक कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है. इस अभियान से यह साफ संकेत गया है कि राज्य में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. आने वाले दिनों में इस ऑपरेशन के और भी ठोस नतीजे सामने आने की उम्मीद है, जिससे पंजाब को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag