दो दरोगा, दो डॉक्टर...कानपुर की दिव्यांशी ने की चार-चार शादियां, खाते में रकम देखकर पुलिस भी रह गई हैरान
कानपुर में दिव्यांशी चौधरी नाम की महिला को गिरफ्तार किया गया, जिसने चार शादियों के जरिए दो डॉक्टर और दो पुलिस अधिकारियों को ठगा. उसके बैंक खातों में आठ करोड़ रुपये से अधिक पाए गए. पुलिस अब सभी लेन-देन की जांच कर रही है.

कानपुरः उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर फिर से चर्चा में है, इस बार एक ऐसी महिला के कारण जिसने अपने पति बनकर कई लोगों को आर्थिक और भावनात्मक नुकसान पहुंचाया. दिव्यांशी चौधरी नाम की इस महिला के बैंक खातों में आठ करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा पाई गई है. जांच में पता चला कि उसने दो डॉक्टरों और दो पुलिस अधिकारियों (दरोगाओं) से शादी कर उन्हें ठगा.
चौथी शादी में फंसी दुल्हन
दिव्यांशी चौधरी ने अपनी चौथी शादी बुलंदशहर निवासी दरोगा आदित्य कुमार लोचव से की थी. शादी के बाद उसने अपने पति के घर से पैसे और गहने लेकर फरार होने की योजना बनाई. इसके अलावा, वह दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराकर वसूली भी करती थी. हालांकि, इस बार उसकी चाल उसके ही जाल में फँस गई और कोतवाली पुलिस ने 17 नवंबर को उसे गिरफ्तार किया.
शादी का सिलसिला
बुलंदशहर के बीबीनगर निवासी आदित्य कुमार लोचव 2019 बैच के एसआई हैं. उनका परिवार सरल था, पिता किसान और मां गृहिणी, साथ ही एक दिव्यांग भाई भी. आदित्य ने बताया कि गांव के एक रिश्तेदार ने मेरठ निवासी दिव्यांशी का रिश्ता लेकर आया. दोनों परिवारों की सहमति से 17 फरवरी 2024 को शादी संपन्न हुई.
शादी के बाद दिव्यांशी अक्सर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का हवाला देकर घर से बाहर चली जाती और ऑनलाइन रुपये मांगती. आदित्य ने बताया कि जब उन्होंने उसका मोबाइल लिया, तो वह बेचैन हो गई. जांच में पता चला कि दिव्यांशी के मोबाइल पर 10 से अधिक बैंक खाते और करोड़ों रुपये के लेन-देन की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री थी.
झगड़ा और मायके वापसी
जब आदित्य ने बैंक खातों और ट्रांजेक्शन के बारे में सवाल किया, तो दिव्यांशी झगड़ा कर मायके चली गई और वापस नहीं लौटी. इसके बाद उसने आदित्य के खिलाफ दुष्कर्म समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज करा दिए. पुलिस ने मामले की गहन जांच के लिए एसआईटी का गठन किया और जांच रिपोर्ट के आधार पर एडीसीपी अर्चना सिंह ने दिव्यांशी को गिरफ्तार किया.
कानपुर कमिश्नरेट में हाईवोल्टेज ड्रामा
पुलिस कमिश्नर ने मामले की समीक्षा की थी. दिव्यांशी ने कानपुर कमिश्नरेट में भी हंगामा किया. दरोगा आदित्य ने भी अपना पक्ष रखा. पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने जांच आदेश दिए और तत्कालीन स्टाफ अफसर अमिता सिंह ने मामले की गहन जाँच की. जांच में यह साबित हुआ कि दिव्यांशी शादी के बाद धन वसूलती थी.
डॉक्टरों से वसूली
दरोगा आदित्य का आरोप है कि दिव्यांशी ने उससे पहले एक एसआई और दो डॉक्टरों से भी शादी की थी. शादी खत्म करने के एवज में उसने डॉक्टरों से मोटी रकम वसूली. एसआई ने पहले रुपये दिए, बाद में वह भी दिव्यांशी के जाल में फँस गया. आदित्य ने यह भी आरोप लगाया कि दिव्यांशी को कई पुलिस अधिकारियों की मदद मिलती थी और उनके खातों में भी पैसे भेजे जाते थे.
भविष्य की कार्रवाई
पुलिस अब दिव्यांशी चौधरी के सभी बैंक खातों और लेन-देन की जांच कर रही है. उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शहर में इस घटना ने एक बार फिर कानपुर को सुर्खियों में ला दिया है.


