ये लोग कौन हैं जो ‘डीके, डीके’ चिल्ला रहे हैं? जब लोगों ने लगाए डिप्टी सीएम के नारे, तिलमिलाए सीएम सिद्धारमैया

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रैली में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की “डीके, डीके” नारेबाज़ी पर गुस्सा जताया. यह घटना पार्टी में उनके और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के बीच जारी सत्ता संघर्ष को उजागर करती है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया मंगलवार को एक सार्वजनिक विरोध रैली के दौरान अपना आपा खो बैठे. यह घटना उस समय हुई जब युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थन में नारे लगा रहे थे. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने नाराजगी जताते हुए कार्यकर्ताओं को चुप रहने के लिए कहा, लेकिन उनके आदेश की अवहेलना की गई.

विरोध प्रदर्शन में भागीदारी

इस रैली का आयोजन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) को लेकर किया गया था. मुख्यमंत्री ने इसे बदलकर नई ग्रामीण रोजगार योजना 'विक्षित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (वीबी-जी आरएएम जी) लागू करने के प्रयासों की आलोचना की. रैली में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, कई मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने भी भाग लिया.

मंच पर नारेबाजी से हुई नाराजगी

जैसे ही सिद्धारमैया मंच पर भाषण देने के लिए उठे, कुछ युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “डीके, डीके” के नारे लगाने शुरू कर दिए. नारेबाज़ी इतनी तेज हो गई कि मुख्यमंत्री का भाषण प्रभावित होने लगा. सिद्धारमैया ने स्पष्ट रूप से चिल्लाते हुए कहा, “ये लोग कौन हैं जो ‘डीके, डीके’ चिल्ला रहे हैं?” इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं को शांत रहने का आदेश दिया, लेकिन उनका आदेश अमल में नहीं आया.

कार्यक्रम के संचालक ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, “युवा कांग्रेस के नेता चुप रहें. मुख्यमंत्री भाषण दे रहे हैं. हम जानते हैं कि आप कौन हैं. कृपया शांत होकर भाषण सुनें.” इसके बावजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने मंच पर भाषण जारी रहने के दौरान भी व्यवधान डालने की कोशिश की.

कांग्रेस में सत्ता संघर्ष

कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सत्ता को लेकर खींचतान चली आ रही है. पार्टी के कई विधायकों और एमएलसी ने उपमुख्यमंत्री के समर्थन में अपनी आवाज़ उठाई है. दोनों नेताओं ने यह स्पष्ट किया है कि वे पार्टी के उच्च कमान के निर्देशों का पालन करेंगे.

सिद्धारमैया का आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पार्टी की उच्च कमान उनके साथ खड़ी है और वह अपने नेतृत्व में पार्टी की नीतियों को सफलतापूर्वक लागू करेंगे.

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