हम 10 से 15 सीटें जीतेंगे...बिहार चुनाव के बीच तेज प्रताप यादव का बड़ा दावा, बोले- 14 नवंबर को पता चलेगा
महुआ सीट से जनशक्ति जनता दल के उम्मीदवार तेज प्रताप यादव ने दूसरे चरण के मतदान से पहले दावा किया कि उनकी पार्टी इस चुनाव में 10 से 15 सीटें जीतकर बिहार की राजनीति में नया मोड़ लाएगी. उन्होंने कहा कि अब बिहार के युवाओं का रुझान बदल चुका है.

बिहार : बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ती जा रही है. इसी बीच जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने राज्य की सियासत में अपनी पार्टी की संभावित भूमिका को लेकर बड़ा दावा किया है. महुआ सीट से उम्मीदवार तेज प्रताप ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी पार्टी इस बार 10-15 सीटें जीतकर बिहार की राजनीति में नया मोड़ लाएगी. उनका मानना है कि जनता बदलाव की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है और इसी भरोसे के कारण उनकी पार्टी डबल डिजिट सीटें जीतने का हकदार है.
जनता का भरोसा और रुझान मेरे पक्ष में
राहुल गांधी के बयान का किया पलटवार
साथ ही जब उनसे पूछा गया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के वोट चोरी और एसआईआर को लेकर लगाए गए आरोप चुनावी माहौल को कितना प्रभावित करेंगे, तो तेज प्रताप ने पलटवार करते हुए कहा कि इस तरह के बयान हवा नहीं बदल सकते. उनका कहना है कि जनता सब जानती है और वे अपने निर्णय मुद्दों और भरोसे के आधार पर करेंगे. तेज प्रताप का यह बयान साफ संदेश देता है कि चुनाव में जनता का ध्यान केवल विवादों पर नहीं, बल्कि ठोस राजनीतिक एजेंडे पर रहेगा.
दुश्मन मुझे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर...
तेज प्रताप यादव अपने दावों के साथ-साथ सुरक्षा के मसले को लेकर भी सुर्खियों में रहे. उन्होंने कहा कि उनके दुश्मन उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं और हर जगह खतरे का सामना करना पड़ता है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उनके दुश्मन कौन हैं, लेकिन इस बयान ने उनकी मीडिया उपस्थिति और चुनावी चर्चाओं को और बढ़ा दिया. तेज प्रताप की यह बेबाकी बिहार के चुनावी माहौल में उनके राजनीतिक व्यक्तित्व को और मजबूती देती है.
उनका दावा, जनता के भरोसे और बदलाव की राजनीति पर जोर, तथा सुरक्षा को लेकर खुला बयान राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनकी पार्टी की सक्रियता और रणनीति इस बार निश्चित रूप से सुर्खियों में रहेगी और राज्य की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकती है.


