सामान लेने दुकान गई महिला के साथ गैंगरेप, राजस्थान में एक बार फिर इंसानियत हुई शर्मसार,
राजस्थान के अलवर जिले में एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना ने सबको झकझोर दिया है. एक महिला जब बस सामान खरीदने दुकान पर पहुंची, तो दुकानदार और उसके साथी ने मिलकर उसके साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं और रेप जैसा घिनौना अपराध अंजाम दिया.

अलवर: राजस्थान के अलवर जिले से एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है. रामगढ़ क्षेत्र में एक विवाहित महिला के साथ हुई बर्बर सामूहिक बलात्कार की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. यह मामला न केवल दिल दहला देने वाला है, बल्कि समाज में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों की भयावह तस्वीर भी पेश करता है.
दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि महिलाएं आखिर कितनी सुरक्षित हैं. अपने ही घर के आसपास, सामान्य दिनचर्या के दौरान ऐसी हैवानियत का शिकार होना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है.
कहा गई थी पीड़िता?
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता बीते कुछ दिनों से अपने ससुराल से मायके आई हुई थी. गुरुवार दोपहर करीब दो बजे वह घर के पास स्थित एक किराने की दुकान से रोजमर्रा का सामान लेने निकली थी. जैसे ही वह दुकान पर पहुंची, दुकान मालिक और उसका एक साथी उसे जबरन अंदर खींच ले गए.
दो आरोपियों ने मिलकर की दरिंदगी
आरोप है कि दोनों युवकों ने दुकान के अंदर महिला के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं और सामूहिक बलात्कार किया. किसी तरह खुद को बचाते हुए पीड़िता वहां से भागने में सफल रही और सीधे घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई. परिवार ने बिना देर किए उसे लेकर नजदीकी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया. पीड़िता का मेडिकल चेकअप के लिए भेजा गया और उसके बयान दर्ज किए गए. पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. घटनास्थल से अहम सबूत जुटाए जा रहे हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि महिलाएं दिन के उजाले में भी सुरक्षित नहीं हैं. घर के पास, सार्वजनिक जगहों पर इस तरह की वारदातें समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं. ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई ही पीड़िताओं को न्याय दिला सकती है और अपराधियों में डर पैदा कर सकती है.
पीड़िता और उसके परिवार को हरसंभव सुरक्षा और सहायता देना प्रशासन की जिम्मेदारी है. समाज को भी एकजुट होकर ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठानी होगी, ताकि इस तरह की हैवानियत को जड़ से खत्म किया जा सके.


