TikTok डील पर लगी मुहर, Oracle-नेतृत्व वाला US ग्रुप 22 जनवरी 2026 को करेगा टेकओवर

टिकटॉक का अमेरिका में मालिकाना हक वाला लंबा ड्रामा आखिरकार खत्म होने की कगार पर है. जनवरी 2026 में ओरेकल के नेतृत्व वाली एक निवेशक टीम ऐप के अमेरिकी ऑपरेशंस का कंट्रोल अपने हाथ में लेने वाली है. अब देखना ये है कि इस नए ट्विस्ट से टिकटॉक यूजर्स के लिए क्या-क्या बदलाव आने वाले हैं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: कई वर्षों से चले आ रहे राजनीतिक दबाव, कानूनी अनिश्चितता और बार-बार बढ़ाई गई समय-सीमाओं के बाद आखिरकार अमेरिका में TikTok का भविष्य साफ होता नजर आ रहा है. शॉर्ट-वीडियो प्लेटफॉर्म की चीनी मूल कंपनी ByteDance ने अपने अमेरिकी कारोबार का बहुमत नियंत्रण सौंपने के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.

इस डील के तहत टीक-टॉक का नियंत्रण अब अमेरिकी निवेशकों के नेतृत्व वाले एक समूह को मिलेगा, जिसमें टेक दिग्गज Oracle की प्रमुख भूमिका होगी. इस कदम के साथ ही वॉशिंगटन की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को विराम मिलता दिख रहा है और 2024 से मंडरा रहे संभावित प्रतिबंध का खतरा भी टल गया है.

टीक-टॉक की अमेरिका में बिक्री पर लगी मुहर

टिक टॉक की पेरेंट कंपनी ByteDance ने अपने अमेरिकी कारोबार में बहुमत हिस्सेदारी बेचने के लिए बाध्यकारी समझौतों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. टिक टॉक  के सीईओ शौ जी च्यू ने कर्मचारियों को इस फैसले की जानकारी देते हुए इसे अमेरिका में ऐप के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है. यह सौदा वर्षों से जारी अनिश्चितता को खत्म करता है.

किसके के नेतृत्व में चलेगा नया ढांचा

इस समझौते के तहत एक नया जॉइंट वेंचर बनाया जाएगा, जिसमें करीब 50 प्रतिशत हिस्सेदारी Oracle के नेतृत्व वाले निवेशक समूह के पास होगी. इस कंसोर्टियम में सिल्वर लेक और अबू धाबी की निवेश फर्म MGX भी शामिल हैं. ByteDance के पास लगभग 19.9 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी, जबकि बाकी शेयर ByteDance से जुड़े मौजूदा निवेशकों के पास होंगे.

22 जनवरी 2026 होगी अहम तारीख

इस सौदे के 22 जनवरी 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद अमेरिकी सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर टिक टॉक की अमेरिकी इकाई को बेचने के दबाव का औपचारिक अंत हो जाएगा. सौदे की संरचना काफी हद तक उस फ्रेमवर्क के अनुरूप है, जिसे पिछले सितंबर में घोषित किया गया था, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐप पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून को टाल दिया था.

एल्गोरिदम और राजनीति पर अब भी सवाल

समझौते के तहत Oracle को TikTok के रिकमेंडेशन एल्गोरिदम का लाइसेंस मिलने की संभावना है, जिसमें अमेरिकी यूजर्स के डेटा के जरिए फीड को दोबारा ट्रेन किया जाएगा. टिक टॉक का कहना है कि इससे यूजर्स की सुरक्षा बनी रहेगी और अमेरिका में उसके करीब 170 मिलियन यूजर्स को बिना रुकावट सेवा मिलती रहेगी. हालांकि, सीनेटर रॉन वाइडन जैसे आलोचकों का मानना है कि यह डील डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर ठोस सुधार नहीं ला पाएगी.

यूजर्स, कारोबार और कर्मचारियों पर असर

टिक टॉक के मुताबिक, अमेरिका में 70 लाख से अधिक छोटे कारोबार इस प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं. कंटेंट क्रिएटर्स को उम्मीद है कि ऐप का अनुभव पहले जैसा ही बना रहेगा. वहीं, रिपोर्ट्स इशारा करती हैं कि टिक टॉक के अमेरिकी कर्मचारियों के लिए अगले साल से ऑफिस लौटने से जुड़े नियम और सख्त हो सकते हैं, जो इस स्वामित्व परिवर्तन के साथ शुरू हो रहे ऑपरेशनल बदलावों की ओर संकेत करता है.

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