EU ने X प्लेटफॉर्म पर लगाया 1080 करोड़ का जुर्माना, डिजिटल नियमों के उल्लंघन का लगा आरोप

यूरोपीय संघ ने एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मोटा-तगड़ा जुर्माना ठोक है. ये पूरा ड्रामा दो साल पहले शुरू हुआ था, जब EU ने जांच शुरू की. आरोप ये लगे कि X का फेमस ब्लू टिक और पेड सब्सक्रिप्शन सिस्टम यूज़र्स को बुरी तरह चकमा दे रहा था. लोग सोचते थे पैसा देकर मिल रहा ब्लू टिक मतलब असली अकाउंट है, जबकि अब तो कोई भी 500-600 रुपये देकर ले लेता है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: यूरोपीय संघ (EU) ने एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डिजिटल नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में बड़ा कदम उठाया है. EU ने प्लेटफॉर्म पर 120 मिलियन यूरो यानी करीब 1,080 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है. यूरोपीय आयोग के अनुसार, X ने पारदर्शिता और यूजर सुरक्षा से जुड़े तीन मुख्य नियमों का उल्लंघन किया है, जिससे यूजर्स ब्लू टिक मार्क और विज्ञापन डाटाबेस को लेकर गुमराह हो सकते थे.

EU का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को नियमों का पालन कर यूजर्स को सुरक्षित रखना आवश्यक है. आयोग ने X के ब्लू चेकमार्क और विज्ञापन डाटाबेस में पाए गए गंभीर पारदर्शिता और सुरक्षा खामियों को डिजिटल कानूनों के खिलाफ बताया है.

Digital Services Act के तहत सख्त कार्रवाई

यूरोपीय आयोग ने स्पष्ट किया कि X ने Digital Services Act में तय पारदर्शिता मानकों का पालन नहीं किया. DSA कानून प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देता है कि यूजर्स सुरक्षित रहें और गलत कंटेंट या स्कैम से बच सकें. EU ने कहा कि जो प्लेटफॉर्म DSA के नियमों का उल्लंघन करेंगे, उन पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.

 धोखाधड़ीपूर्ण डिजाइन का आरोप

EU के अनुसार X के ब्लू चेकमार्क इस तरह डिजाइन किए गए थे कि वे यूजर्स को गुमराह कर सकते थे. इससे स्कैम, फर्जी खातों और मैनीपुलेशन का खतरा बढ़ जाता है. आयोग ने इसे धोखाधड़ीपूर्ण डिजाइन बताया और कहा कि यह EU के ऑनलाइन सुरक्षा मानकों के खिलाफ है.

विज्ञापन डाटाबेस में पारदर्शिता की कमी

DSA के तहत सभी प्लेटफॉर्म्स को अपने विज्ञापनों का डाटाबेस उपलब्ध कराना होता है, जिसमें स्पष्ट जानकारी हो कि विज्ञापन किसने दिए, किस टारगेट ऑडियंस के लिए थे और किस उद्देश्य से. लेकिन आयोग ने पाया कि X का डाटाबेस एक्सेस करने में देरी होती है और जानकारी अधूरी रहती है. इससे शोधकर्ताओं को फर्जी विज्ञापनों और प्रोपेगैंडा की पहचान करने में कठिनाई होती है.

रिसर्चर्स के लिए डेटा एक्सेस में बाधा

जांच में यह भी सामने आया कि X प्लेटफॉर्म रिसर्चर्स को डेटा एक्सेस करने में अनावश्यक बाधाएं खड़ी करता है. EU ने कहा कि यह कदम पारदर्शिता और सार्वजनिक हित के खिलाफ है. EU के कार्यकारी उपाध्यक्ष ने बयान जारी करते हुए कहा कि धोखे, विज्ञापन छिपाना और रिसर्च बाधित करना यूरोपीय डिजिटल कानूनों में स्वीकार्य नहीं है और DSA इसी से सुरक्षा देता है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag