एक्सपायर फोन बन सकता है हैकर्स का आसान शिकार, खतरे में आपका बैंक बैलेंस
स्मार्टफोन के एक्सपायर होने का मतलब है कि कंपनी ने उसके लिए सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट देना बंद कर दिया है. ऐसे फोन हैकर्स के आसान निशाने बन जाते हैं, जिससे डेटा और पैसों को खतरा बढ़ सकता है.

क्या आपने कभी सोचा है कि आपका स्मार्टफोन भी “एक्सपायर” हो सकता है? यह सुनने में अजीब लगता है, लेकिन तकनीक की दुनिया में यह सच है. जब फोन को कंपनी की तरफ से जरूरी अपडेट मिलना बंद हो जाता है, तो वह धीरे-धीरे साइबर खतरों के लिए खुला दरवाजा बन जाता है. ऐसे फोन को हैकर्स सबसे आसान निशाना मानते हैं, क्योंकि उसकी सुरक्षा कमजोर हो चुकी होती है. यहां “एक्सपायर” का मतलब फोन के खराब हो जाने से नहीं है. इसका अर्थ है कि उस डिवाइस को अब कंपनी की ओर से सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिल रहे.
जब कोई नया फोन लॉन्च होता है, तो कंपनी पहले ही बता देती है कि उसे कितने साल तक अपडेट दिए जाएंगे- जैसे 3, 5 या 7 साल. समय पूरा होने के बाद कंपनियां पुराने मॉडल्स के लिए बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट और सुरक्षा पैच देना बंद कर देती हैं. जैसे ही सिक्योरिटी अपडेट रुकते हैं, फोन की सुरक्षा ढाल कमजोर पड़ने लगती है. यही कमजोरी हैकर्स के लिए मौका बन जाती है.
क्यों बढ़ जाता है खतरा?
साइबर अपराधी उन डिवाइस को जल्दी निशाना बनाते हैं जिनमें नई सुरक्षा तकनीक नहीं होती. अगर फोन में सुरक्षा की खामियां ठीक नहीं की जातीं, तो हैकर्स आसानी से उसमें घुसपैठ कर सकते हैं. एक बार फोन का नियंत्रण उनके हाथ में आ जाए तो वे कई तरह का नुकसान कर सकते हैं. वे आपके फोन में आने वाले ओटीपी पढ़ सकते हैं, बैंक से जुड़े संदेशों तक पहुंच बना सकते हैं, यहां तक कि कैमरा और सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. इससे निजी जानकारी और पैसों दोनों को खतरा हो सकता है.
कैसे पहचानें कि फोन अब सुरक्षित नहीं?
अगर आपके फोन में लंबे समय से कोई सॉफ्टवेयर या सिक्योरिटी अपडेट नहीं आया है, तो यह संकेत हो सकता है कि कंपनी ने उसका सपोर्ट बंद कर दिया है. सेटिंग्स में जाकर अपडेट सेक्शन चेक करना जरूरी है. इसके अलावा, फोन बार-बार हैंग हो रहा हो या नए ऐप्स ठीक से काम न कर रहे हों, तो भी समझना चाहिए कि डिवाइस पुराना पड़ चुका है.
खुद को सुरक्षित रखने के उपाय
सबसे पहला कदम है- नियमित रूप से अपडेट चेक करना. अगर अपडेट मिल रहे हैं, तो उन्हें तुरंत इंस्टॉल करें. यदि कंपनी ने सपोर्ट बंद कर दिया है, तो नया फोन लेने पर विचार करना समझदारी होगी. साथ ही कुछ जरूरी सावधानियां हमेशा अपनानी चाहिए, जैसे- अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध ऐप्स डाउनलोड करने से बचें.
इसके साथ ही मजबूत पासवर्ड और दो-स्तरीय सुरक्षा का उपयोग करें और जरूरी डेटा का समय-समय पर बैकअप लें. एक छोटा सा लापरवाह कदम आपकी निजी जानकारी और मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकता है. इसलिए समय रहते अपने स्मार्टफोन की स्थिति जांचें और उसे सुरक्षित रखें.


