Windfall Tax : केंद्र सरकार ने कच्चे तेल पर कम किया विंडफॉल टैक्स, आज से लागू होगा फैसला

Windfall Tax Reduce : सरकार ने विंडफॉल टैक्स में कटौती की और इसे 6,700 रुपये प्रति टन कर दिया है. वहीं डीजल के निर्यात पर टैक्स 5.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दिया है.

Nisha Srivastava

Windfall Tax Reduce : केंद्र सरकार ने कच्चे पेट्रोलियम पर विंडफॉल टैक्स को घटा दिया है. जिससे तेल कंपनियों को राहत मिली है. दरअसल शुक्रवार 1 सितंबर को सरकार ने विंडफॉल टैक्स में कटौती की और इसे 6,700 रुपये प्रति टन कर दिया है. नई कीमतें 2 सितंबर यानी आज से लागू हो जाएगी. इससे पहले केंद्र सरकार 14 अगस्त को घरेलू कच्चे पेट्रोलियम पर विंडफॉल टैक्स कम करके इसे 7,100 रुपये प्रति टन कर दिया था. अधिसूचना के मुताबिक सरकार ने डीजल के निर्यात पर टैक्स 5.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दिया है.

डीजल पर बढ़ाया टैक्स

केंद्र सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में बढ़ोतरी की है. वहीं जेट फ्यूल या एटीएफ पर शुल्क दोगुने बढ़ा दिए हैं. जो कि 2 रुपये से बढ़कर अब 4 रुपये हो गया है. इस बारे में सरकार ने अपने बयान में कहा कि पेट्रोल पर शुल्क अभी शून्य रहेगा. वित्त वर्ष 2023 में इस शुल्क से करीब 40 हजार करोड़ रुपये कमाई होने का अनुमान है.

पहली बार कब लगाया टैक्स

1 जुलाई, 2022 को पहली बार सरकार ने कच्चे तेल के उत्पादन और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर SAED लगाया था. तब सरकार ने पेट्रोल और एटीएफ पर 6 रुपये प्रति लीटर यानी 12 डॉलर प्रति बैरल और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर यानी 26 डॉलर प्रति बैरल का निर्यात शुल्क लगाया गया था.

क्या है विंडफॉल टैक्स

देश में जमीन और समुद्र तल के नीचे से कच्चा तेल निकाला जाता है. इसे कच्चे तेल को बाद में रिफाइन किया जाता है. पेट्रोल, डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन में इसे बदला जाता है. केंद्र सरकार इसे दूसरे देशों में भी निर्यात करती है. इस निर्यात पर सरकार शुल्क लगाती है, जिसे विंडफॉल टैक्स कहते हैं.

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