भारत के सबसे पुराने बैंक... अंग्रेजों के जमाने से अब तक, बदलते दौर में भी कायम है भरोसा!

ब्रिटिश शासन काल में स्थापित भारत के कुछ बैंक आजादी के 77 साल बाद भी मजबूती से काम कर रहे हैं. इन संस्थाओं ने देश की अर्थव्यवस्था को स्थायित्व देने के साथ-साथ वैश्विक मंच पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है.

Simran Sachdeva

एक दौर था जब बैंकिंग सेक्टर में बैंकों के डूबने की खबरें सुर्खियों में थीं, लेकिन भारत में कुछ ऐसे बैंक भी हैं जिनकी नींव ब्रिटिश शासन के दौर में रखी गई थी और आजादी के 77 साल बाद भी ये बैंक ना सिर्फ मजबूती से टिके हैं बल्कि देश की आर्थिक प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बने हुए हैं. इंटरनेट बैंकिंग और डिजिटलीकरण के इस युग में भी इन बैंकों ने खुद को समय के साथ ढालते हुए आम जनता की वित्तीय जरूरतों को पूरा किया है.

भारत में बैंकिंग सेवा का इतिहास जितना पुराना है, उतनी ही दिलचस्प इसकी विकास यात्रा भी रही है. आइए जानते हैं भारत के उन 5 सबसे पुराने बैंकों के बारे में, जिन्होंने ना सिर्फ भारत की आर्थिक रीढ़ को मजबूती दी, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान बनाई.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को आज भले ही हम देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक मानते हैं, लेकिन इसकी शुरुआत ‘बैंक ऑफ कलकत्ता’ के नाम से साल 1806 में हुई थी. बाद में इसका नाम बदलकर बैंक ऑफ बंगाल कर दिया गया और अंततः 1955 में ये स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) बन गया. ये भारत का पहला बैंक था जिसने देशभर में वित्तीय सेवाएं देने का बीड़ा उठाया और आज भी देश के कोने-कोने में इसकी शाखाएं मौजूद हैं.

इलाहाबाद बैंक 

इलाहाबाद बैंक की स्थापना 1865 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान कुछ यूरोपीय व्यापारियों ने की थी. ये भारत का एकमात्र बैंक था जो इतने लंबे समय तक स्वतंत्र रूप से संचालित होता रहा. हालांकि, साल 2020 में इसका इंडियन बैंक में मर्जर कर दिया गया. इसके बावजूद इलाहाबाद बैंक का नाम देश के सबसे पुराने बैंकों की सूची में आज भी प्रमुखता से दर्ज है.

पंजाब नेशनल बैंक (PNB)

पंजाब नेशनल बैंक की नींव 1894 में लाहौर (अब पाकिस्तान में) में रखी गई थी. इसकी स्थापना लाला लाजपत राय, लाल हरकिशन लाल और अन्य राष्ट्रवादी नेताओं ने मिलकर की थी. ये पहला ऐसा स्वदेशी बैंक था जिसे पूरी तरह भारतीयों द्वारा चलाया गया और जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्तों की आर्थिक मदद की.

केनरा बैंक 

केनरा बैंक की शुरुआत 1906 में बेंगलुरु में हुई थी, जिसे अम्मेमबाल सुब्बाराव पाई ने स्थापित किया था. इस बैंक ने दक्षिण भारत में बैंकिंग की नींव को मजबूत किया. 1969 में इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया और इसके बाद से ये देश के बड़े सार्वजनिक बैंकों में गिना जाने लगा.

इंडियन बैंक

इंडियन बैंक की स्थापना भी 1906 में की गई थी. ये ब्रिटिश शासनकाल में भारतीयों द्वारा स्थापित पहला बैंक माना जाता है. खास बात ये है कि 1946 में इंडियन बैंक ने लंदन में अपनी पहली विदेशी शाखा खोली, जिससे ये भारत का पहला ऐसा बैंक बना जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.

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