असल हथियार और जंग का मैदान... ऐसे बनी थी जेपी दत्ता की ‘बॉर्डर’, क्या सीक्वल दोहरा पाएगा इतिहास?

जेपी दत्ता की ‘बॉर्डर’ देशभक्ति की कल्ट फिल्म बन चुकी है. असली लोकेशन, रियल हथियार, बदली हुई कास्टिंग और निजी अनुभवों से बनी इस फिल्म की यादें ‘बॉर्डर 2’ के साथ फिर ताज़ा हो गई हैं.

Shraddha Mishra

जब भी हिंदी सिनेमा में देशभक्ति फिल्मों की बात होती है, तो जेपी दत्ता की फिल्म ‘बॉर्डर’ का नाम सबसे पहले लिया जाता है. करीब 28 साल पहले रिलीज हुई इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी स्थायी जगह बनाई थी. 1997 में आई यह फिल्म आज भी देशभक्ती की वही भावना देती हैं. अब जब ‘बॉर्डर 2’ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है, तो एक बार फिर लोगों की यादें उस ऐतिहासिक फिल्म की ओर लौट आई हैं.

बॉर्डर: एक फिल्म नहीं, एक एहसास

‘बॉर्डर’ को समय के साथ कल्ट फिल्म का दर्जा मिल चुका है. खासकर इसका गाना ‘संदेशे आते हैं’ आज भी देशभक्ति की भावना को झकझोर देता है. हालांकि नई पीढ़ी ने शायद फिल्म को पूरा न देखा हो, लेकिन इसके गीत और डायलॉग आज भी लोकप्रिय हैं. इस फिल्म के बनने के पीछे कई ऐसे किस्से हैं, जिनसे बहुत लोग अब तक अनजान हैं.

कास्टिंग में हुए थे बड़े बदलाव

फिल्म की कास्टिंग अपने आप में बेहद दिलचस्प रही. सनी देओल और सुनील शेट्टी शुरू से ही इस प्रोजेक्ट का हिस्सा थे, लेकिन बाकी किरदारों के लिए कई बड़े सितारों से बातचीत हुई थी. अक्षय खन्ना के रोल के लिए सलमान खान, आमिर खान, सैफ अली खान, अजय देवगन और अक्षय कुमार जैसे नामों पर विचार किया गया, लेकिन किसी न किसी वजह से बात नहीं बन सकी. जैकी श्रॉफ वाला किरदार पहले संजय दत्त के लिए सोचा गया था, लेकिन उस समय वह जेल में थे, इसलिए यह रोल जैकी श्रॉफ को मिला.

फिल्म में महिला किरदारों के लिए भी कई नामों पर चर्चा हुई. पहले जूही चावला को ऑफर दिया गया था, लेकिन रोल छोटा होने की वजह से उन्होंने मना कर दिया. मनीषा कोइराला और सोनाली बेंद्रे का नाम भी सामने आया, मगर बात आगे नहीं बढ़ पाई. अंत में तब्बू फिल्म का हिस्सा बनीं.

असली लोकेशन और असली हथियार

जेपी दत्ता ने इस फिल्म को पूरी तरह रियल फील देने के लिए राजस्थान के थार रेगिस्तान में शूट किया. शूटिंग 1971 के युद्ध से जुड़े असली इलाकों में हुई. फिल्म में जो टैंक, जीप, बम और हथियार नजर आए, वे भारतीय सेना और वायु सेना द्वारा दिए गए असली उपकरण थे. यहां तक कि हॉकर हंटर विमान का भी इस्तेमाल किया गया. फिल्म की कहानी जेपी दत्ता की निजी डायरियों से प्रेरित थी, जिसमें उनके दिवंगत भाई के भारतीय वायु सेना में पायलट रहने के अनुभव दर्ज थे. उन्होंने यह फिल्म अपने भाई को समर्पित की थी.

धमकियां, सफलता और अवॉर्ड्स

‘बॉर्डर’ के निर्माण के दौरान जेपी दत्ता को धमकी भरे फोन कॉल्स भी मिले, जिसके चलते उन्हें सुरक्षा रखनी पड़ी. इसके बावजूद फिल्म ने 1997 में जबरदस्त सफलता हासिल की और उस साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी. इसके गानों ने रिकॉर्ड तोड़े और फिल्म को कई राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले.

अब ‘बॉर्डर 2’ से उम्मीदें

अब ‘बॉर्डर 2’ रिलीज हो चुकी है, जिसमें सनी देओल के साथ वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ नजर आ रहे हैं. फिल्म को जेपी दत्ता की बेटी निधि दत्ता ने टी-सीरीज के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है. देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह फिल्म भी दर्शकों के दिलों में वही जगह बना पाएगी, जो पहली ‘बॉर्डर’ ने बनाई थी.

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