गंगोत्री से लेकर बदरी-केदार तक गैर-हिंदू की एंट्री पर बैन! CM धामी का मिला सपोर्ट, जानिए क्या है पूरा मामला
उत्तराखंड की चार धाम यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण मंदिरों में अब गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगने वाली है. इतना ही नहीं बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में भी ऐसा ही नियम लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है.

देहरादून: उत्तराखंड की चार धाम यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण मंदिरों में अब गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर सख्ती बढ़ने वाली है. श्री गंगोत्री मंदिर समिति ने रविवार को सर्वसम्मति से फैसला लिया कि गंगोत्री धाम और मां गंगा के शीतकालीन निवास मुखबा में गैर-हिंदुओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इसी तरह बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में भी ऐसा ही नियम लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है.
गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं पर लगा प्रतिबंध
श्री गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने पुष्टि की कि गंगोत्री धाम और मुखबा में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर सख्त रोक लगाई जाएगी. यह फैसला मंदिर की पवित्रता और सदियों पुरानी परंपराओं को बनाए रखने के लिए लिया गया है. समिति का कहना है कि यह नियम अब पूरी तरह लागू होगा.
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का प्रस्ताव
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष और भाजपा नेता हेमंत द्विवेदी ने घोषणा की कि बद्रीनाथ, केदारनाथ और समिति के अधीन आने वाले सभी 45 मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव आगामी बोर्ड मीटिंग में पेश किया जाएगा. द्विवेदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को बचाना सबसे जरूरी है.
उन्होंने बताया कि केदारनाथ और माना क्षेत्र के मंदिरों में ऐतिहासिक रूप से केवल हिंदुओं को ही प्रवेश मिलता रहा है. गैर-बीजेपी सरकारों में इन परंपराओं की अनदेखी हुई, अब इन्हें पूरी तरह लागू किया जाएगा.
सीएम धामी का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार मंदिर समितियों और संबंधित संस्थाओं की सिफारिशों के अनुसार कार्रवाई करेगी. द्विवेदी ने धामी सरकार द्वारा राज्य भर से अवैध मंदिरों को हटाने के अभियान की सराहना की.
उनका कहना है कि यह कदम उत्तराखंड की धार्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और कानून-व्यवस्था को मजबूत करेगा. मंदिर समितियों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय से इन पवित्र स्थलों की मर्यादा बनी रहेगी.
चार धाम के कपाट खुलने की तारीख
चार धाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर है. बद्रीनाथ मंदिर 23 अप्रैल को छह महीने की सर्दियों के बाद खुल जाएगा. यह तारीख बसंत पंचमी पर नरेंद्र नगर के टिहरी राज महल में पारंपरिक रस्मों के बाद तय हुई. गंगोत्री और यमुनोत्री धाम 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर खुलेंगे, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट महाशिवरात्रि पर घोषित किए जाएंगे.


