भारतीय वायुसेना का ऐतिहासिक हमला, 300 किलोमीटर दूर मार गिराया पाकिस्तानी फाइटर जेट

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने 300 किमी दूर पाकिस्तानी विमान और 5 लड़ाकू विमान गिराए, एफ-16 हैंगर को नुकसान पहुँचाया तथा 100+ आतंकियों को मार गिराया. 80-90 घंटे के उच्च तकनीकी युद्ध में राजनीतिक इच्छाशक्ति और तीनों सेनाओं के समन्वय से पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ. 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Operation Sindoor: एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने एक बड़े पाकिस्तानी विमान को 300 किलोमीटर की दूरी से मार गिराया. यह सतह से हवा में मार करने की श्रेणी में अब तक की सबसे लंबी दूरी की घटना मानी जा रही है. यह विमान या तो ELINT (इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस) था या AEW&C (एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल) सिस्टम से लैस था.

पांच पाकिस्तानी लड़ाकू विमान भी ध्वस्त

बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में बोलते हुए एयर चीफ मार्शल ने पुष्टि की कि इस ऑपरेशन में भारत ने कुल पाँच पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को भी गिराया. यह जवाबी कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी.

एफ-16 हैंगर को नुकसान

उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान के शाहबाज जैकोबाबाद एयरबेस पर एफ-16 लड़ाकू विमानों के हैंगर का आधा हिस्सा नष्ट हो गया और भीतर खड़े कुछ विमानों को भी क्षति पहुँची. इससे पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को गंभीर झटका लगा.

80-90 घंटे का उच्च तकनीकी युद्ध

एयर चीफ मार्शल सिंह ने ऑपरेशन को “उच्च तकनीक वाला युद्ध” बताया, जिसमें 80 से 90 घंटे के भीतर पाकिस्तान की वायुसेना को इतना नुकसान पहुँचाया गया कि उसे समझ आ गया—अगर संघर्ष जारी रहा, तो उसे और बड़ी कीमत चुकानी होगी.

राजनीतिक इच्छाशक्ति 

सिंह ने ऑपरेशन की सफलता का श्रेय स्पष्ट राजनीतिक इच्छाशक्ति को भी दिया. उनके अनुसार, सेनाओं को बहुत स्पष्ट निर्देश मिले और किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई गई. योजना बनाने और उसे लागू करने की पूरी स्वतंत्रता दी गई. उन्होंने कहा, “हमारे हमले सोच-समझकर किए गए क्योंकि हम परिपक्व प्रतिक्रिया देना चाहते थे.”

तीनों सेनाओं का समन्वय

उन्होंने आगे बताया कि थल, जल और वायु—तीनों सेनाओं के बीच उत्कृष्ट समन्वय था. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की भूमिका बेहद अहम रही, जिसने सभी बलों को एकजुट किया. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) ने भी सभी एजेंसियों के बीच तालमेल बिठाने में अहम योगदान दिया.

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत

7 मई की सुबह भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की. सेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद नौ आतंकी शिविरों पर हमला किया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. यह 22 अप्रैल के आतंकी हमले का सीधा जवाब था.

 

चार दिन तक चला हमला और जवाबी हमला

ऑपरेशन के बाद चार दिनों तक दोनों देशों के बीच ड्रोन, मिसाइल और लंबी दूरी के हथियारों से हमले होते रहे. अंततः 10 मई को दोनों पक्षों ने सभी सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई.

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