यदि गाड़ी पर नहीं है ये स्टिकर, तो भुगतना होगा भारी जुर्माना

नियमों के तहत, डीजल वाहनों के लिए नारंगी रंग का स्टिकर, पेट्रोल और सीएनजी वाहनों के लिए हल्का नीला स्टिकर और अन्य सभी वाहनों के लिए ग्रे स्टिकर लगाने का प्रावधान है. यह स्टिकर गाड़ी के ईंधन प्रकार को दर्शाते हैं और 2019 से अनिवार्य हैं.

Dimple Yadav
Edited By: Dimple Yadav

Colour-coded fuel type stickers: अगर आप भी कार रखते हैं और अब तक अपनी गाड़ी में ईंधन के प्रकार को दर्शाने वाला कलर-कोडेड स्टिकर नहीं लगाया है, तो अब सावधान हो जाइए. दिल्ली परिवहन विभाग उन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रहा है, जिन पर यह स्टिकर नहीं लगा है.

अगर आप इस नियम का पालन नहीं करते हैं, तो आपको मोटर वाहन अधिनियम के तहत 5,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा. इसके अलावा, जिन वाहनों पर यह स्टिकर नहीं होगा, उन्हें प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) भी नहीं मिलेगा.

क्या है कलर-कोडेड स्टिकर?

यह स्टिकर 2019 से सभी वाहनों पर लगाना अनिवार्य है. इसमें डीजल वाहनों के लिए नारंगी रंग, पेट्रोल और सीएनजी वाहनों के लिए हल्का नीला रंग और अन्य वाहनों के लिए ग्रे रंग का स्टिकर लगाया जाता है. यह नियम उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेट (HSRP) से जुड़ा है.

दिल्ली परिवहन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, वाहन मालिकों को इस नियम का पालन करना चाहिए. विभाग ने सार्वजनिक नोटिस में कहा है कि अगर यह आदेश नहीं माना जाता है, तो मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192(1) के तहत कार्रवाई की जाएगी.

क्या है मोटर वाहन अधिनियम?

इस अधिनियम की धारा 192(1) उन लोगों पर जुर्माना लगाती है, जो पंजीकरण से संबंधित नियमों का उल्लंघन करते हैं. 2020 में दिल्ली परिवहन विभाग ने एक विशेष अभियान शुरू किया था, जिसमें HSRP और नंबर प्लेट पर स्टिकर न लगवाने पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाता है.

HSRP का इतिहास

HSRP नंबर प्लेट को 2012-13 में पेश किया गया था और अप्रैल 2019 में सभी नए वाहनों के लिए इसे अनिवार्य कर दिया गया था. दिल्ली सरकार ने अब पुराने वाहनों के लिए भी इसे अनिवार्य कर दिया है.

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