सेनाओं को फुल ऑपरेशनल फ्रीडम! पहलगाम हमले के जवाब के PM मोदी ने दी खुली छूट

Pahalgam terror attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को पूरी छूट दी है कि वे जवाबी कार्रवाई कब और कैसे करें. PM मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कड़ा जवाब दिया जाएगा.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Pahalgam terror attack: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई हाई लेवल मीटिंग में एक बड़ा निर्णय लिया गया है. ये फैसला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद लिया गया है जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों को 'पूर्ण अभियानिक स्वतंत्रता' देने का ऐलान किया है. यह कदम आतंकियों और उनके सरपरस्तों को करारा जवाब देने की मंशा से उठाया गया है.

मीडिया सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्यवाही करना राष्ट्र की प्रतिबद्धता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सेना पर उन्हें पूर्ण विश्वास है और अब सेना यह तय करेगी कि जवाबी कार्रवाई कब, कहां और कैसे की जाए.

हाई लेवल मीटिंग में लिया गया अहम फैसला

पीएम मोदी के आवास पर हुई इस 90 मिनट की अहम मीटिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह मौजूद थे.

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिया कि सेना को अब पूरी छूट है कि वह किस तरीके से, किस समय और किन लक्ष्यों पर कार्यवाही करेगी.

कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम

भारत ने इस हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक मोर्चे पर भी आक्रामक रुख अपनाया है. सरकार ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने, अटारी के ज़रिए चलने वाली एकमात्र ज़मीनी सीमा पार आवाजाही को बंद करने और पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा रद्द करने की घोषणा की है. जवाब में, पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और भारत के साथ सभी व्यापारिक संबंध भी स्थगित कर दिए हैं.

मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक से पहले लिया गया फैसला

यह बैठक प्रधानमंत्री द्वारा सुरक्षा मामलों पर गठित मंत्रिमंडलीय समिति (कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी) की अध्यक्षता से ठीक एक दिन पहले बुलाई गई थी. इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री को जम्मू-कश्मीर की मौजूदा सुरक्षा स्थिति की जानकारी दी थी.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag