जनवरी के आखिर में बढ़ा प्रदूषण, राजधानी में पिछले दो वर्षों में सबसे खराब AQI
दिल्ली में रविवार को AQI 440 के साथ हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई, जो दो साल में जनवरी का सबसे खराब दिन रहा. मौसम, कमजोर हवाओं और प्रदूषण नियंत्रण की नाकामी से हालात बिगड़े, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई.

नई दिल्ली: रविवार को दिल्ली की हवा ने एक बार फिर चिंताजनक रूप ले लिया. राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'गंभीर' श्रेणी में और नीचे चला गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शाम 4 बजे दिल्ली का औसत AQI 440 दर्ज किया गया. यह न केवल शनिवार के स्तर से ज्यादा खराब था, बल्कि पिछले दो वर्षों में जनवरी का सबसे प्रदूषित दिन भी साबित हुआ.
आमतौर पर जनवरी के पहले 15 दिनों में प्रदूषण अधिक रहता है और बाद में इसमें थोड़ी राहत देखने को मिलती है. लेकिन इस बार तस्वीर उलटी रही. विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी के दूसरे हिस्से में इतनी खराब हवा बेहद असामान्य है. आंकड़ों के मुताबिक, 2019 के बाद यह पहली बार है जब महीने के अंतिम दिनों में AQI 440 तक पहुंचा. इससे पहले 2019 में इसी अवधि में ऐसा स्तर दर्ज किया गया था.
यह स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि जनवरी 2016 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब महीने के अंत में लगातार दो दिनों तक AQI 400 या उससे ऊपर रहा. इससे साफ है कि प्रदूषण की समस्या केवल अस्थायी नहीं, बल्कि गहराती हुई चुनौती बन चुकी है.
मौसम बना बड़ा कारण
वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदूषण बढ़ने के पीछे मौसम की अहम भूमिका रही. सतही हवाओं की रफ्तार बहुत कम रही और पश्चिमी विक्षोभ के कारण नमी बढ़ गई. इससे हवा में मौजूद प्रदूषक फैलने के बजाय एक ही जगह जमा होते चले गए. हालांकि विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि केवल मौसम को दोष देना सही नहीं है.
पूर्व CPCB अधिकारी दीपांकर साहा का मानना है कि मौजूदा हालात यह दिखाते हैं कि ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) उत्सर्जन को नियंत्रित करने में पूरी तरह कारगर नहीं है. उनका कहना है कि शांत हवा के दौरान प्रदूषण के स्रोतों पर सख्त नियंत्रण नहीं हो पा रहा, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है.
सबसे प्रदूषित इलाके
रविवार को आनंद विहार दिल्ली का सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा, जहां AQI 497 तक पहुंच गया. इसके अलावा मुंडका और रोहिणी जैसे इलाकों में भी हालात बेहद खराब रहे और AQI लगभग 491 दर्ज किया गया.
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
दिल्ली की बिगड़ती हवा के बीच सुप्रीम कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को कड़ी फटकार लगाई है. अदालत ने प्रदूषण के स्रोतों की पहचान न कर पाने को "कर्तव्य में विफलता" बताया और दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट रिपोर्ट सार्वजनिक करने का आदेश दिया है.
वहीं, मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, सोमवार को हवा की स्थिति में हल्का सुधार हो सकता है, लेकिन AQI के "बहुत खराब" श्रेणी में रहने की आशंका बनी हुई है. साफ है कि जब तक प्रदूषण के स्रोतों पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती, दिल्ली की हवा यूं ही नागरिकों की सेहत के लिए खतरा बनी रहेगी.


