देश में सवाल पूछो तो चुप्पी, विदेश में पूछो तो पर्सनल, PM मोदी के अडानी वाले बयान पर राहुल गांधी का हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान गौतम अडानी से जुड़े मामले पर एक पत्रकार ने सवाल किया था कि "क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक में गौतम अडानी के खिलाफ मामलों पर चर्चा हुई?" इस पर PM मोदी ने साफ शब्दों में कहा, "भारत एक लोकतांत्रिक देश है और हमारी संस्कृति 'वसुधैव कुटुम्बकम' की है. पीएम के इसी बयान पर अब राहुल गांधी ने तंज कसा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान एक अहम सवाल ने सबका ध्यान खींचा. जब एक पत्रकार ने गौतम अडानी से जुड़े मामले पर सवाल किया, तो PM मोदी ने इसे निजी मामला' करार दिया. उनके इस जवाब पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में सवाल पूछो तो चुप्पी, विदेश में पूछो तो यह निजी मामला बन जाता है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (ट्विटर) पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में भी अडानी के भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल दिया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब दोस्त की जेब भरना मोदी जी के लिए ‘राष्ट्र निर्माण’ है, तब रिश्वतखोरी और देश की संपत्ति की लूट ‘व्यक्तिगत मामला’ बन जाती है.
PM मोदी ने अमेरिकी पत्रकार के सवाल पर क्या कहा?
अमेरिका दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने अडानी से जुड़े मामले पर सवाल किया. पत्रकार ने पूछा कि"क्या अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ हुई बैठक में गौतम अडानी के खिलाफ चल रहे मामलों पर कोई चर्चा हुई?"
इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने जवाब दिया, भारत एक लोकतांत्रिक देश है और हमारी संस्कृति 'वसुधैव कुटुंबकम' की है. हम पूरी दुनिया को एक परिवार मानते हैं. हर भारतीय को मैं अपना मानता हूं. ऐसे व्यक्तिगत मामलों के लिए दो देशों के मुखिया न मिलते हैं, न बैठते हैं और न बात करते हैं."
‘देश में चुप्पी, विदेश में निजी मामला’ - राहुल गांधी
प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान पर राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एक्स पर लिखा, "देश में सवाल पूछो तो चुप्पी, विदेश में पूछो तो निजी मामला! अमेरिका में भी मोदी जी ने अडानी जी के भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल दिया! जब मित्र का जेब भरना मोदी जी के लिए 'राष्ट्र निर्माण' है, तब रिश्वतखोरी और देश की संपत्ति को लूटना 'व्यक्तिगत मामला' बन जाता है." राहुल गांधी ने पहले भी कई बार गौतम अडानी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच कथित संबंधों को लेकर सवाल उठाए हैं.
देश में सवाल पूछो तो चुप्पी,
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 14, 2025
विदेश में पूछो तो निजी मामला!
अमेरिका में भी मोदी जी ने अडानी जी के भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल दिया!
जब मित्र का जेब भरना मोदी जी के लिए “राष्ट्र निर्माण” है, तब रिश्वतखोरी और देश की संपत्ति को लूटना “व्यक्तिगत मामला” बन जाता है।
अडानी पर विवाद और राजनीतिक आरोप
गौतम अडानी के कारोबारी साम्राज्य को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है. हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अडानी समूह पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि अडानी समूह को सरकारी मदद और नीतिगत लाभ मिले हैं.
हालांकि, इस पर केंद्र सरकार का कहना है कि सभी नीतिगत फैसले पारदर्शी हैं और किसी भी उद्योगपति को कोई विशेष लाभ नहीं दिया गया. PM मोदी के इस बयान के बाद अडानी मामले पर बहस और तेज हो गई है. जहां भाजपा इसे विपक्ष का झूठा प्रोपेगेंडा बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे मोदी सरकार की 'मित्रवाद नीति' का हिस्सा बता रही है.


