Vice President Election : कौन होगा INDIA गठबंधन का उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार? खड़गे के नेतृत्व में आज अहम बैठक

उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार घोषित किया है, जिनकी आरएसएस पृष्ठभूमि पर विपक्ष ने आपत्ति जताई है. कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन आज बैठक कर साझा प्रत्याशी तय कर सकता है. चुनाव 9 सितंबर को होगा. विपक्षी दलों की राय बंटी हुई है, लेकिन उम्मीदवार पर जल्द सहमति की उम्मीद है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Vice President Election India 2025 : देश में उप राष्ट्रपति पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जानकारी दी है कि आज शाम कई विपक्षी दलों के नेता एक अहम बैठक करने वाले हैं. इस बैठक में उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की ओर से किसे उम्मीदवार बनाया जाए, इस पर चर्चा होगी. INDIA गठबंधन के कुछ नेताओं के बीच इस विषय पर पहले भी बातचीत हो चुकी है, और अब माना जा रहा है कि जल्द ही विपक्ष की ओर से भी एक संयुक्त उम्मीदवार की घोषणा हो सकती है.

NDA ने राधाकृष्णन को बनाया उम्मीदवार

वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बीच सत्तारूढ़ एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को घोषणा की कि एनडीए की ओर से महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को उप राष्ट्रपति पद के लिए मैदान में उतारा गया है. यह फैसला एनडीए के सभी घटक दलों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया. नड्डा ने यह भी उम्मीद जताई कि विपक्ष भी राधाकृष्णन के नाम पर सहमति जताएगा और यह चुनाव सर्वसम्मति से हो सकेगा.

कौन हैं सी.पी. राधाकृष्णन?
सी.पी. राधाकृष्णन एक अनुभवी नेता हैं जिनकी उम्र 68 साल है. उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से की थी. इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी के साथ सक्रिय राजनीति में आए. वह दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और बीजेपी की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष भी रहे हैं. राधाकृष्णन झारखंड के राज्यपाल और पुदुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में भी सेवा दे चुके हैं. वर्तमान में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं. उनका RSS से जुड़ाव हमेशा चर्चा का विषय रहा है, और वे खुद भी इसे गर्व के साथ स्वीकारते हैं.

विपक्षी दलों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
राधाकृष्णन के नाम की घोषणा के बाद विपक्ष की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही. कांग्रेस सांसद माणिकम टैगोर ने कहा कि राधाकृष्णन की RSS पृष्ठभूमि को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. उन्होंने बीजेपी के पूर्व नेता और वर्तमान राज्यपाल के तौर पर उनकी भूमिका को स्वीकार किया, लेकिन उप राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद के लिए किसी RSS पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति का चयन उन्हें उचित नहीं लगा. समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी इस पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि यह फैसला एनडीए का नहीं, बल्कि आरएसएस का है और NDA के सहयोगी दलों को अपनी भूमिका को लेकर सोचना चाहिए.

शिवसेना (UBT) ने दी अपनी प्रतिक्रिया
उधर, उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नेता संजय राउत ने राधाकृष्णन के नाम को लेकर संतुलित प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन एक संतुलित और अनुभवी व्यक्तित्व हैं और अगर महाराष्ट्र के राज्यपाल उप राष्ट्रपति बनते हैं तो उन्हें खुशी होगी. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि INDIA गठबंधन इस पर मिलकर निर्णय करेगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश में इस समय उप राष्ट्रपति चुनाव से ज्यादा गंभीर मुद्दा "मतदाता सूची में धांधली" का है, जिस पर ध्यान देना ज़रूरी है.

उपराष्ट्रपति पद खाली, चुनाव 9 सितंबर को
यह सारा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब मौजूदा उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने हाल ही में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उनके इस्तीफे के बाद यह पद खाली हो गया है और अब इसके लिए चुनाव 9 सितंबर 2025 को होना तय हुआ है. इसी को लेकर सभी दल अपनी रणनीति बना रहे हैं.

उपराष्ट्रपति पद को लेकर सियासी हलचल 
उप राष्ट्रपति चुनाव को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल देखने को मिल रही है. जहां एनडीए ने पहले ही अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, वहीं विपक्ष भी अपनी रणनीति के साथ सामने आने को तैयार है. सी.पी. राधाकृष्णन जैसे अनुभवी और विवादास्पद पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार के नाम ने चर्चा को और गरमा दिया है. अब देखना होगा कि क्या यह चुनाव सर्वसम्मति से होता है या विपक्ष कोई कड़ा मुकाबला पेश करता है.

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